मिर्जापुर में आकाशीय बिजली का कहर: 16 वर्षीय किशोर की मौत, कई लोग झुलसे; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मिर्जापुर में गरज-चमक और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 16 वर्षीय किशोर रामराज की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया। गांव की तीन महिलाएं भी घायल हुई हैं। प्रशासन ने सहायता का आश्वासन दिया है और पुलिस जांच में जुटी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मानसून की पहली बारिश जहां लोगों को गर्मी से राहत देती है, वहीं कई बार यह अपने साथ ऐसी त्रासदियां भी लेकर आती है जो परिवारों की जिंदगी बदल देती हैं। मिर्जापुर जिले में शनिवार को हुई तेज गरज-चमक और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया। इसके अलावा गांव में एक ही परिवार की तीन महिलाएं भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है।
बैराज से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, स्थानीय थाना क्षेत्र के परसिया मुड़पेली गांव निवासी रामराज (16) अपने गांव के ही अजय (23) के साथ बाइक से अदवा बैराज घूमने गए थे। वापस लौटते समय मौसम अचानक खराब हो गया और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि बारिश से बचने के लिए दोनों सड़क किनारे एक महुआ के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से रामराज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अजय गंभीर रूप से झुलस गया।
गांव में तीन महिलाएं भी हुईं घायल
इसी दौरान मुड़पेली गांव में एक अन्य घटना में बरामदे में बैठी तीन महिलाएं भी बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे में रमदेइया (55) और उनकी दो बहुएं रीता (27) तथा रीता (25) झुलस गईं। घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में
रामराज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। दो बहनों में सबसे बड़ा होने के कारण परिवार को उससे कई उम्मीदें थीं। बेटे की असमय मौत के बाद पिता रामाश्रय और मां पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने दिया सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उप जिलाधिकारी लालगंज ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
बारिश के मौसम में सावधानी बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों, खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवनों में शरण लेना अधिक सुरक्षित माना जाता है। मिर्जापुर की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान थोड़ी सी सावधानी भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है।
रिपोर्ट : संतोष देव गिरी
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