बारिश में गुलजार हुए मिर्ज़ापुर-सोनभद्र के झरने, लेकिन सुरक्षा का अभाव बना बड़ी चिंता
मानसून में मिर्ज़ापुर और सोनभद्र के झरनों व पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के अभाव और लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मानसून की पहली फुहार के साथ ही उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर और सोनभद्र के जंगल, पहाड़, झरने और जलप्रपात एक बार फिर सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए पूर्वांचल के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था की कमी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उमड़ रही पर्यटकों की भीड़
मिर्ज़ापुर के खड़ंजा फाल, विढ़म फाल, टांडा फाल, कुशियरा फाल, सिद्धनाथ की दरी, बोकरिया फाल, चूना दरी और लखनियां दरी जैसे पर्यटन स्थलों पर छुट्टियों और बारिश के दिनों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं सोनभद्र के मिनी गोवा, फाल्सिस पार्क और वीर लोरिक पत्थर जैसे स्थान भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
सुरक्षा इंतजाम नहीं, हादसों का खतरा बरकरार
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पर्यटन स्थलों पर वाहनों से पार्किंग या स्टैंड शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। चेतावनी बोर्ड, प्रशिक्षित बचाव दल और निगरानी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी के कारण हर वर्ष डूबने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती हैं। हाल ही में मिर्ज़ापुर के कुशियरा फाल में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ पर्यटन स्थलों पर अराजक तत्वों की मौजूदगी से भी पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें, ताकि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर होने वाले हादसों को रोका जा सके।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी, मिर्ज़ापुर
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