सर्दियों में जरूर बनाएं ये 5 देसी साग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सर्दियों में भारत के किचन में व्यंजनों के विकल्प बढ़ जाते हैं। इस ताजी सब्जियों, हरी पत्तियां और देसी साग का मौसम होता है। बाजारों में हरे पत्तेदार सब्जियों की भरमार होती है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेस्ट होते हैं। सर्दी में इनका सेवन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचाता है। हालांकि सामान्य तौर पर लोग सिर्फ सरसों का साग ही बनाते हैं। लेकिन दादी-नानी की रसोई में कई तरह के साग बनते थे। आप भी उनकी विधि अपनाकर पारंपरिक साग की कई डिश तैयार कर सकते हैं। पूरी सर्दियां बदल बदल कर तरह तरह के लजीज साग का स्वाद अपना सकते हैं। सर्दियों में पांच ऐसे साग बताए हैं जो हर घर में जरूर बनना चाहिए, क्योंकि ये न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि शरीर को गर्मी और ताकत भी देते हैं।

सरसों का साग

सरसों का साग सर्दियों का राजा होता है। मक्के की रोटी या मिस्सी रोटी के साथ सरसों के साग का स्वाद दोगुना हो
जाता है।

सामग्री

सरसों के पत्ते- 500 ग्राम, पालक- 250 ग्राम, बथुआ- 250 ग्राम, अदरक- 1 इंच, हरी मिर्च- 2, नमक स्वादानुसार, हींग व लहसुन का तडक़ा इच्छानुसार, मक्का का आटा – 1 चम्मच, देसी घी- 2 चम्मच।

विधि

सरसों का साग बनाने के लिए पत्तों को अच्छी तरह धोकर कटा लें। अब कुकर में थोड़ा पानी, अदरक और मिर्च के साथ डालकर उबालें। नरम होने पर मिक्सर में दरदरा पीस लें। गैस पर कढ़ाही चढ़ाकर घी डालकर गर्म करें। अब पीसे हुए साग को डालकर 20-25 मिनट पकाएं। एक चम्मच मक्के का आटा मिलाकर साग को गाढ़ा करें। ऊपर से हींग-लहसुन का तडक़ा डालें।

मेथी का साग

सोया मेथी की सब्जी इस मौसम में कई बार बनती है लेकि आप मेथी का साग बनाकर स्वाद में कुछ बदलाव ला सकते हैं।

सामग्री

मेथी के पत्ते- 2 गुच्छे, आलू- 1 छोटे टुकड़ों में कटा हुआ, लहसुन- 4 से 5 कलियां, जीरा- आधा चम्मच, लाल मिर्च- एक चम्मच, सरसों का तेल- एक चम्मच, नमक स्वादानुसार।

विधि

कढ़ाही में तेल गरम करें। अब इसमें जीरा और लहसुन डालकर सुनहरा होने तक भूने, फिर कटे हुए आलू के टुकड़े डालकर हल्का पका लें। जब आलू कुछ पक जाए तो मेथी के पत्तों को डालकर मिलाएं। इन्हें धीमी आंच पर ढककर पकने दें। जब आलू और मेथी नरम होने लगें तो मसाले डालकर 10 मिनट और पकाएं। फिर गैस बंद कर दें। आपकी मेथी का साग तैयार है। इसे गर्मागर्म पराठें के साथ सर्व करें।

पालक का साग

विधि

पालक के पत्तों को अच्छी तरह से धोकर उबालकर पीस लें। तब तक प्याज, लहसुन और टमाटर का मसाला तैयार करें। इसके लिए कढ़ाई में घी डालकर प्याज, लहसुन और हरी मिर्च को भूनें। फिर नमक और हल्दी डालकर टमाटर मिलाएं औरर गलने तक पकाएं। अब ऊपर से पालक डालकर 10-12 मिनट पकाएं। ऊपर से घी की कुछ बूंदें मिलाएं, स्वाद दोगुना हो जाएगा।

सामग्री

पालक- 500 ग्राम, टमाटर- 2, प्याज़- 1, लहसुन- 6 कली, हरी मिर्च- 2, नमक, हल्दी, घी- 1 चम्मच।

चने का साग

सामग्री

चने के हरे पत्ते या चना साग 700-800 ग्राम, प्याज- 1, लहसुन- 5 कली, बेसन- 1 चम्मच, सरसों का तेल -1 चम्मच, नमक और लाल मिर्च।

विधि

ये पारंपरिक साग बनाने के लिए चने के हरे पत्ते धोकर काट लें। अब कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें बारिक कटा प्याज और लहसुन सुनहरा होने तक भूनें। अब इसमें चना साग डालकर मिलाएं। स्वादानुसार नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें। थोड़ा पानी और बेसन डालकर मध्यम आंच पर ढककर पकाएं।

बथुए का साग

विधि

बथुए को उबालकर पीस लें। कढ़ाही में देसी घी गर्म करें, जीरा, लहसुन और हरी मिर्च भूनें। फिर टमाटर मिलाकर गलने तक पकाएं। मसाले में बथुआ मिलाएं और नमक डालकर 10 मिनट पकाएं। बथुआ का साग तैयार है। गर्मागर्म रोटियों या पूड़ी के साथ सर्व करें।

सामग्री

बथुआ- 2 गुच्छे, टमाटर- 1, लहसुन- 4 कली, हरी मिर्च – 1, जीरा- 1/2 चम्मच, नमक स्वादानुसार, देसी घी- 1 चम्मच।

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