राज्यसभा चुनाव में NDA का दबदबा, 27 में 19 सीटें जीतकर बढ़ाई ताकत

राज्यसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत होती जा रही है. 10 राज्यों की 27 में से 19 राज्यसभा सीटों पर एनडीए की जीत से अब ये बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राज्यसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत होती जा रही है. 10 राज्यों की 27 में से 19 राज्यसभा सीटों पर एनडीए की जीत से अब ये बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच गई है. वहीं INDIA गठबंधन का परफॉर्मेंस कुछ ठीक नहीं है. जानते हैं इंडिया गठबंधन को कितनी सीटें मिली हैं.

झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजे भी आ चुके हैं. यहां की दो सीटों में से एक भी सीट इंडिया अलायंस के हाथ नहीं आई. ऐसे में INDIA गठबंधन को बड़ा झटका लगा है. यहां की दो सीटों में से एक सीट JMM के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और दूसरी सीट NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत ली.परिमल नथवानी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया.

ऐसे में 10 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए को 19 सीटें और वहीं INDIA को सिर्फ 5 सीटें मिलीं हैं. इस नतीजे से राज्यसभा में भी एनडीए की स्थिति मजबूत हो गई है. इस आंकड़े के साथ एनडीए राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गया है.

किन राज्यों में मुकाबले की थी उम्मीद?
10 राज्यों के राज्यसभा चुनाव में केवल मध्य प्रदेश और झारखंड में ही दोनों पार्टियों के बीच मुकाबले की उम्मीद लगाई गई थी. मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की अयोग्यता के कारण भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक सीट बिना किसी मुकाबले के मिल गई.

कुल मिलाकर, 27 सीटों में से NDA को 19 और INDIA ब्लॉक को पांच सीटें मिलीं. 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में अब NDA के पास 152 और INDIA के पास 63 सीटें हैं. BJD और YSRCP की मदद से इनके पास 5 और 7 सीटें हैं. ऐसे में NDA राज्यसभा में 164 सीटों के दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकता है.

क्यों बढ़ा मुकाबला?
झारखंड में मुकाबला इसलिए बढ़ गया क्योंकि YSR कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य रहे नथवानी ने NDA के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया. यहां 81 सदस्यों वाली विधानसभा में जीतने के लिए नथवानी को पहली पसंद (फर्स्ट प्रिफरेंस) के 28 वोटों की जरूरत थी.

JMM के पास 34 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 16, राष्ट्रीय जनता दल के पास चार और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के पास दो विधायक हैं. JMM के पास अकेले 34 विधायक थे. इसलिए उनकी जीत पक्की थी. उन्होंने 30 वोट पाए.

NDA, जिसके पास 24 विधायक थे (इनमें भारतीय जनता पार्टी के 21, और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) का एक-एक विधायक शामिल था) को पहली पसंद के चार और वोटों की जरूरत थी.

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