‘बोतल वाले बाबा’ पर महिला के गंभीर आरोप, पूजा के बहाने बुलाकर की अश्लील हरकत?
कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र में एक महिला ने हरिओम महाराज उर्फ 'बोतल वाले बाबा' समेत 5 नामजद लोगों पर दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और ठगी का आरोप लगाया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मेडिकल परीक्षण के बाद जांच शुरू कर दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर देहात में एक कथित धार्मिक गुरु पर लगे गंभीर आरोपों ने इलाके में चर्चा छेड़ दी है। देवराहट थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने खुद को ‘बोतल वाले बाबा’ के नाम से चर्चित हरिओम महाराज उर्फ हरिओम यादव समेत पांच नामजद और चार से पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और ठगी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सभी तथ्यों की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
पूजा-पाठ और काली छाया हटाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि उसे बताया गया था कि उस पर कथित रूप से काली छाया का प्रभाव है और विशेष पूजा-पाठ से उसकी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। महिला के अनुसार, इसी विश्वास में उससे करीब 40 हजार रुपये लिए गए। महिला ने आरोप लगाया कि उसे बाद में हरिधाम बुलाया गया, जहां उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और दुष्कर्म का प्रयास किया गया।
विरोध करने पर मारपीट का आरोप
एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, जब महिला ने कथित हरकतों का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसका गला दबाने की कोशिश की गई। महिला का कहना है कि उसने किसी तरह खुद को बचाया और मौके से निकलकर पुलिस से संपर्क किया।
मेडिकल परीक्षण के बाद जांच शुरू
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
देवराहट थाना क्षेत्र के चैन के पुरवा गांव से जुड़े इस मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। कथित तौर पर लोगों के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक उपचार के दावों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
पुलिस की नजर जांच के हर पहलू पर
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में जांच एजेंसियों के लिए निष्पक्षता और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। पुलिस फिलहाल दर्ज मुकदमे, मेडिकल परीक्षण, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। मामले में नामजद आरोपियों का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
यह भी पढ़ें: सीतापुर: बहन की शादी में पहुंचा जेल में बंद भाई, मिलन देख भावुक हो गए लोग
रिपोर्ट- प्रांजुल मिश्रा, कानपुर देहात



