मिर्जापुर में पुलिसिंग का नया मॉडल, रिक्रूट आरक्षियों को दिया गया हाईटेक ट्रेनिंग

मिर्जापुर में रिक्रूट आरक्षियों को YAKSH App, E-Summon और CyTrain जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का प्रशिक्षण दिया गया। एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बेहतर पुलिसिंग और आमजन को त्वरित सेवा देना है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:   बदलते दौर में पुलिसिंग सिर्फ वर्दी और मैदान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब तकनीक भी कानून व्यवस्था का मजबूत हथियार बन चुकी है। इसी सोच के साथ मिर्जापुर पुलिस ने रिक्रूट आरक्षियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की पहल की है। पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नई भर्ती आरक्षियों को डिजिटल पुलिसिंग, साइबर अपराध नियंत्रण और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना रहा।

एसपी के निर्देशन में आयोजित हुआ प्रशिक्षण

अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर, के निर्देशन में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं कनिष्क आर. जामकर, सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षणाधीन), के नेतृत्व में रिक्रूट आरक्षियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी दक्षता अब एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।

YAKSH App, E-Summon और CyTrain का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को कई महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी गई, जिनमें YAKSH App, E-Summon और CyTrain प्रमुख रहे। इन माध्यमों से उन्हें साइबर अपराधों की रोकथाम, ऑनलाइन पुलिस सेवाओं के संचालन, डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन और समन प्रक्रिया के तकनीकी उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इससे रिक्रूट आरक्षियों को डिजिटल सिस्टम पर काम करने की समझ विकसित होगी और आमजन को तेज व प्रभावी सेवा मिल सकेगी।

दंगा नियंत्रण और आपात परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास

तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ आरक्षियों को आपात परिस्थितियों, बलवाइयों, अराजकतत्वों और गड़बड़ी फैलाने वालों से निपटने के तरीकों से भी अवगत कराया गया। दंगों जैसी विषम परिस्थितियों में पुलिस की रणनीति, भीड़ नियंत्रण, त्वरित प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्यवाही पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि मैदान में त्वरित निर्णय क्षमता भी विकसित करना है।

आमजन को मिलेगी बेहतर पुलिस सेवा

पुलिस विभाग का मानना है कि तकनीकी रूप से प्रशिक्षित आरक्षी आमजन को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी पुलिस सेवा देने में सक्षम होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बेहतर उपयोग से शिकायतों के निस्तारण, साइबर अपराध की जांच और कानून-व्यवस्था प्रबंधन में तेजी आएगी।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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