भाजपा में नई सियासी एंट्री: बीजद छोड़ भाजपा सदस्य बने ओडिशा के पूर्व सांसद देबाशीष सामंतराय, बंगाल में भी हलचल

ओडिशा के पूर्व राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बीजू जनता दल (बीजद) छोड़कर भाजपा के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू करने का फैसला लेने वाले देबाशीष पर बीजद ने स्वार्थ के कारण पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया है।
अनिल बलूनी ने किया था एलान
इससे पहले मंगलवार को भाजपा प्रवक्ता सह उत्तराखंड से निर्वाचित लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि 11 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रख्यात हस्ती को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। उनके इस एक्स पोस्ट के बाद भाजपा में नई सियासी हस्ती के आगमन को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी।
बंगाल से ओडिशा तक किन नेताओं के नाम की चर्चा?
दरअसल, भाजपा प्रवक्ता और सांसद अनिल बलूनी ने कहा है कि आज पार्टी मुख्यालय में एक मशहूर शख्स को सदस्यता दिलाई जाएगी। उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया है। ओडिशा में देबाशीष सामंतराय के रूख और बंगाल में सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं काकोली घोष को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था।
बीजेडी सांसद सामंतराय के इस्तीफे ने दिया था अटकलों को बल
दरअसल बीजेडी के वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ-साथ राज्यसभा से भी अपना पद छोड़ दिया था। समंतराय ने आरोप लगाया था कि पार्टी में उन्हें लगातार नीचा दिखाया जा रहा था और उनकी अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक के करीबी होने के बावजूद उन्हें पार्टी प्रमुख से मिलने तक नहीं दिया जा रहा था।
पार्टी पर लगाए थे गंभीर आरोप
दो बार विधायक रह चुके समंतराय पहले भी नवंबर 2025 में बीजेडी वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस समय भी उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेडी अब पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की विचारधारा से दूर हो चुकी है। समंतराय ने सवाल उठाया कि बीजू पटनायक की विरासत को ऐसे लोगों के हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है, जिनका उस विरासत से कोई सीधा संबंध नहीं है।
क्या काकोली घोष भी देंगी टीएमसी को झटका?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी ने काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में मुख्य सचेतक पद से हटा दिया था। उनकी जगह कल्याण बनर्जी को पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया था। सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि काकोली घोष इस फैसले के बाद पार्टी से नाराज चल रही थीं। बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सांसद काकोली घोष ने कुछ समय पहले ही बारासात जिला अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
कल्याण बनर्जी की पोस्ट ने अटकलों को दिया जोर
लोकसभा में पार्टी के नए चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक पोस्ट में लिखा था, ‘आपकी आगे की यात्रा सुगम और आरामदायक हो। आपको और आपके परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं। शायद अब आखिरकार आपके आस-पास के सभी दाग और विवाद धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, यह नया अध्याय वहां सफल हो जहां पिछले सभी स्पष्टीकरण विफल रहे।’



