मणिपुर के नगा गांव में बदमाशों का आतंक, घरों में आगजनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बदमाशों ने कुछ घरों को आग लगा दी और कई राउंड गोलियां चलाईं. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मामले की जांच की जा रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बदमाशों ने कुछ घरों को आग लगा दी और कई राउंड गोलियां चलाईं. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मामले की जांच की जा रही है.
मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी. कांगपोकपी जिले में हथियारबंद बदमाशों ने एक नगा गांव पर हमला कर दिया. इस दौरान बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की इसके बाद गांव के कम से कम 8 से 9 घरों में आग लगा दी. इस घटना से चारों तरफ चीख-पुकार मच गई. बताया जा रहा है कि बदमाशों ने रात करीब 10 बजे गांव में धावा बोला था.
जानकारी के मुताबिक ये घटना कांगपोकपी जिले टोकपा लियांगमेई नागा गांव में हुई. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात को कुछ हथियारबंद बदमाश गांव में पहुंचे और जमकर बवाल काटा. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ कई राउंड फायरिंग की बल्कि कई घरों को आग के हवाले कर दिया देखते ही देखते कई कच्चे मकान जलकर राख हो गए. घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए.
गांव में फैली दहशत
फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. लोग बेहद डरे हुए हैं. हमले के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां मामले पर नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल इस आगजनी में कितना नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है. शुरुआती जानकारी के अनुसार जलाए गए अधिकांश घर कच्चे थे.स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बल इलाके में पहुंच गए हैं. हमले में शामिल लोगों की पहचान के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
जलकर राख हुए घर
इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि घर किस तरह से जल रहे हैं. आग की लपटें कितना दूर तक फैली थीं. मौके पर अफरा-तफरी और चीख पुकार मची थी, लोग भागते नजर आ रहे हैं. देखते ही देखते सभी घर जलकर खाक हो गए. गनीमत ये रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई.
कुकी छात्र संगठन ने की निंदा
इस बीच, कांगपोकपी जिला कुकी छात्र संगठन सदर हिल्स ने हथियारबंद समूहों द्वारा आम लोगों के घर जलाए जाने की कड़ी निंदा की. छात्र संगठन ने एक बयान में कहा कि यह कृत्य शांति को नुकसान पहुंचाने और निर्दोष ग्रामीणों में डर फैलाने का प्रत्यक्ष प्रयास है. संगठन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से दोषियों को गिरफ्तार करने की अपील की है.
अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत
मणिपुर में जातीय हिंसा में 3 मई 2023 से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. वहीं सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. लगातार जातीय हिंसा और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. करीब एक साल बाद चार फरवरी को इसे हटा दिया गया.



