चारों ओर दान चोरी की घटनाओं का शोर
अयोध्या में घट गयी श्रद्धालुओं की संख्या

- श्री राम मंदिर अयोध्या से उठे दान चोरी प्रकरण की आग पहुंची मंध्य प्रदेश
- बंगालमुखी मंदिर में भी दान चोरी
- मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अयोध्या के श्री राम मंदिर से प्रकाश में दान चोरी प्रकरण से मिलते जुलते केसेज की देश में बाढ़ सी आ गयी है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित अलग—अलग मंदिरों से इससे मिलते जुलते प्रकरण सामने आ रहे हैं।
ताजा मामाल मध्य प्रदेश में मां बगलामुखी मंदिर में दान-चढ़ावे को लेकर सामने आया है जहां कुछ लोगों ने मंदिर दान को निजी खातों में जमा करवा लिया है। विवाद बढ़ रहा है और डीएम ने तीन सदस्यीय जांच समिति को गठित कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। वहीं मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक लगता है कि दान चोरी प्रकरण का असर लोगों के दिलों दिमाग पर हो रहा है और अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट देखने का मिल रही है।
अलग—अलग तरीकों से कर रहे हैं दान चोरी
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं और दान की राशि निजी बैंक खातों में जमा किए जाने के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को मिली शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में एक गैर शासकीय समिति शासकीय प्रबंधन समिति से अलग व्यवस्था संचालित करते हुए श्रद्धालुओं से नकद के अलावा सोना-चांदी के रूप में भी दान ले रही है। शिकायतों में निजी बैंक खातों के उपयोग और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं के भी आरोप लगाए गए हैं। डीएम द्वारा बनाई गयी समिति रसीद पुस्तिकाओं बैंक खातों दान से संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य अभिलेखों की जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि मंदिर में किसी गैर शासकीय अथवा अपंजीकृत संस्था द्वारा समानांतर दान व्यवस्था संचालित की जा रही थी या नहीं। जांच के दौरान प्राप्त नकद राशि, स्वर्ण एवं रजत सामग्री के रिकॉर्ड, लेखा-जोखा तथा संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा यदि किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाएगी। मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में दान और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के धन में गड़बड़ी की जांच की मांग सुप्रीम कोर्ट में, याचिका दाखिल
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के धन में कथित गड़बडिय़ों के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए सीबीआई की अगुवाई में एक विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया जाए। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि दान के रूप में प्राप्त धनराशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं। याचिका में यह भी मांग की गई है कि अदालत राम जन्मभूमि ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को ट्रस्ट की धनराशि एवं संपत्तियों की निगरानी के लिए मजबूत ऑडिट और जांच व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दे ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं। इनमें बैंक खातों का विवरण, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य संबंधित अभिलेख शामिल हैं। किसी भी व्यक्ति या संस्था को मामले से जुड़े रिकॉर्ड अथवा सबूतों को नष्ट करने, हटाने या उनमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने से रोका जाए। गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजानिक की जा चुकी है। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक भी हुई जिसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी सामने आई।
मंदिर दान चोरी प्रकरण में आग बबूला अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जबर्दस्त अटैक करते हुए कहा है कि राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद का जिक्र करते हुए कहा है कि भाजपा की धर्म और धन की राजनीति दोनों का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के बाद उन लोगों का भी भ्रम टूट गया है जो मानते थे कि भाजपा इस तरह के कार्य नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए अब धन ही धर्म बन गया है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि चढ़ावे चंदे और दान से जुड़े कथित विवादों के सामने आने के बाद भाजपा की धर्म आधारित राजनीति कमजोर पड़ गई है। उनका कहना था कि अब भाजपा केवल धन की राजनीति करेगी जिससे भ्रष्टाचार और महंगाई दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनसमर्थन में आई कमी को धनबल के जरिए पूरा करने की कोशिश करेगी लेकिन देश की धार्मिक आस्था रखने वाली जनता कथित तौर पर ऐसे धन को स्वीकार नहीं करेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की धर्म और धन दोनों की राजनीति अब समाप्ति की ओर है।




