अब यूजीसी-नेट पेपर लीक को लेकर बवाल

नेता प्रतिपक्ष ने उठाया एनटीए पर सवाल

शिक्षा घोटालों को अनदेखा कर रहे पीएम : राहुल गांधी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में लीक पर भाजपा सरकार लगाम नहीं लगा पा रही है। नीट, सीयूईटी, सीबीएसई व कई राज्य सरकारों की परीक्षा में लापरवाही की खबरें थमी भी नहीं थी कि अब यूजीसी-नेट के एक पेपर में लीक की खबर से एनटीए एकबार फिर सवालों में घिर गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट सोशियोलॉजी पेपर लीक होने का गंभीर आरोप लगाया है, दावा किया कि परीक्षा से पहले 2.25 लाख में 9० सवालों वाली एक पीडीएफ बेची गई थी। उन्होंने मोदी सरकार पर नीट यूजीसी जैसे शिक्षा घोटालों को अनदेखा करने और एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि परीक्षाओं बार-बार हुए घोटालों के बावजूद मोदी सरकार आँखें मूंदे हुए है और चैन की नींद सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की सालों की कड़ी मेहनत—दिन-रात एक करके की गई पढ़ाई—उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। राहुल गांधी ने दैनिक भास्कर की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि 30 जून की परीक्षा से पहले ही यूजीसी-नेट का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहतक में दो छात्र नेताओं ने एक वीडियो जारी किया जिसमें कथित समाजशास्त्र प्रश्नपत्र की सामग्री स्क्रीन पर दिखाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवारों को प्रश्नों के दो सेट पढ़ाए गए थे, और 1० प्रश्नों के उन सेटों में से एक सेट परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाता है। यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित करने वाली राष्टï्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
सोशियोलॉजी पेपर में शामिल हुए कई उम्मीदवारों ने परीक्षा के पेपर में व्याकरण और स्पेलिंग की गलतियों की शिकायत की । लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा का पेपर लीक होने की आशंका जताई है। कांग्रेस सांसद का यह आरोप तब आया है, जब यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी-नेट) के सोशियोलॉजी पेपर में शामिल हुए कई उम्मीदवारों ने परीक्षा के पेपर में व्याकरण और स्पेलिंग की गलतियों की शिकायत की थी। पेपर लीक के कारण देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद गांधी ने एक्स पर यह पोस्ट किया है। इन प्रदर्शनों में छात्रों, विपक्ष और छात्र संगठनों ने सख़्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की है।

17 को देहरादून में छात्रों की गूंज में शामिल होंगे रायबरेली सांसद

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, देशव्यापी छात्रों की गूंज अभियान के तहत शहर के युवाओं से बातचीत करने के लिए 17 जुलाई को देहरादून का दौरा करेंगे। यह दौरा राजस्थान के कोटा में पहले हुए ‘छात्रों की गूंज’ प्रोग्राम के मॉडल पर आधारित होगा। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के एक पदाधिकारी के अनुसार, गांधी देहरादून के परेड ग्राउंड में युवाओं से मिलेंगे उन्होंने इस कार्यक्रम की तैयारियों के चल रहे होने की पुष्टि की है। राहुल गांधी ने पिछली बार 4 जून को उत्तराखंड का दौरा किया था, लेकिन खराब मौसम की वजह से अल्मोड़ा में उनकी जनसभा और पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ तय बातचीत को टालना पड़ा था। छात्रों की गूंज अभियान का मकसद छात्रों की समस्याओं को सामने लाना है, जिनमें परीक्षा में गड़बडिय़ां और भारत की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी चुनौतियां शामिल हैं। गांधी ने सबसे पहले कोटा में छात्रों की गूंज महा रैली के ज़रिए इस अभियान की शुरुआत की थी और अब देहरादून के दौरे के साथ इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

2.25 लाख में बेचा जा रहा था पेपर

एक्स पर गांधी ने ्रयूजीसी नेट सोशियोलॉजी पेपर से जुड़े कई आरोपों का जिक़्र किया। कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि पेपर लीक हो गया था और भारत के कुछ हिस्सों में इसे कुल 2.25 लाख में बेचा जा रहा था। गांधी ने एक्स पर लिखा कि यूजीसी-नेट परीक्षा से ठीक पहले 1० पेज की एक पीडीएफ सर्कुलेट की गई थी। यह पीडीफ क्वेश्चन पेपर सेट करने से जुड़ी है, जो सिफऱ् एनटीए के पास होता है। पीडीएफ में लगभग 9० सवाल असली सोशियोलॉजी क्वेश्चन पेपर के सवालों से मेल खाते हैं। यही क्वेश्चन पेपर बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 2.25 लाख में बेचा जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि यही नेटवर्क अन्य परीक्षाओं के लिए भी क्वेश्चन पेपर उपलब्ध करा रहा था।

एक बार फिर पश्चिम एशिया पर छाया युद्ध का संकट

अमेरिका ने जारी किया ईरान के 9० सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक का वीडियो
तेहरान बोला- जवाब देंगे, जवाबी हमले में कई जगह बम गिराए

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाशिंगटन। कहां अमेरिका-ईरान के बीच सीज फायर व डील की बाते 60 दिन के लिए थी। पर वह महज 10 दिनों में ही धराशाई हो गई। दोनों देशा के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सीजफायर को समाप्त करते के बाद अमेरिका ने अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ईरान के भीतर लगभग 9० सैन्य ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है।
अमेरिकी सेंटकॉम ने हमलों के वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और निर्दोष नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था। इस बयान के साथ, सेंटकॉम ने ऑपरेशनल वीडियो फुटेज जारी किया जिसमें सटीक हमले और कई द्वितीयक विस्फोट दिखाए गए हैं, जिन्हें उसने ईरानी सैन्य ठिकानों के रूप में पहचाना है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच अचानक सीजफायर टूटने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता फैल गई है, जिसके चलते संयुक्त राष्टï्र , पाकिस्तान और कतर ने तत्काल संयम बरतने का आह्वान किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयास क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस नए हवाई हमलों में विशेष रूप से ईरान की प्रमुख सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाएं और महत्वपूर्ण रणनीतिक कमान नेटवर्क शामिल हैं।

80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने खुलासा किया कि 7 जुलाई को अमेरिकी सेना ने लगभग 80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की 6० से अधिक नौकाओं को नष्ट किया गया। इन हमलों को लेकर अमेरिका का कहना है कि यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन कामर्शियल जहाजों पर ईरान के आक्रामक समुद्री हमलों की सीधी प्रतिक्रिया थी। अमेरिकी सेनाएं सतर्क, घातक और कमांडर इन चीफ द्वारा निर्देशित अभियानों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं।

ईरान ने दी चेतावनी-हम भी पीछे नहीं हटेंगे

इस हमले की प्रतिक्रिया में, तेहरान ने वाशिंगटन को अपनी कड़ी चेतावनी दोहराई और कहा कि अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार की और सैन्य दुस्साहस की स्थिति में गंभीर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इन हमलों की निंदा करते हुए, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिकी प्रशासन पर टकराव वाली विदेश नीति पर अड़े रहने का आरोप लगाया और तर्क दिया कि वाशिंगटन यह समझने में विफल रहा है कि धमकी देना और वादे तोडऩा अब मुफ्त नहीं है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक सार्वजनिक संबोधन में अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, अमेरिका को अभी तक यह समझ नहीं आया है कि दादागिरी और वादे तोडऩा अब मुफ्त नहीं है। मैं इसे सीधे शब्दों में कहूं तो- अगर आप हमला करेंगे, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। हम भी जवाब देंगे। गालिबफ नेआगे घोषणा की कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का चोकपॉइंट पूरी तरह से तेहरान के संप्रभु नियंत्रण में रहेगा और इसकी परिचालन समुद्री स्थिति का फैसला पश्चिमी धमकियों से नहीं, बल्कि ईरान द्वारा ही किया जाएगा। गालिबफ ने चुनौती भरे लहजे में कहा, बेकार में हाथ-पैर मत मारो, वरना और भी गहरे दलदल में फंस जाओगे। होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरानी समझौतों से ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों से नहीं।

मप्र में सडक़ हादसा खड़े ट्रक से टकराई कार, पांच की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बृहस्पतिवार तडक़े एक भीषण सडक़ हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने जानकारी दी कि यह हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भरौला गांव के निकट हुआ, जब एक कार सडक़ किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा तडक़े साढ़े तीन बजे सिद्धबाबा धाम के पास हुआ। इस घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारी के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें फंसे लोगों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। मृतकों में एक पुरुष, तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी मृतक अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के लिलहाटोला गांव के निवासी थे और चित्रकूट जा रहे थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि मृतकों के परिजन अनूपपुर जिले से उमरिया पहुंच रहे हैं।

हल्की बारिश से नगर निगम की मानसून तैयारियों की खुली पोल

कहां तो स्मार्ट सिटी बनाने का था शोर, अब तो जलभराव चहुंओर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक हल्की बारिश से नगर निगम की मानसून तैयारियों और जलभराव रोकने के दावों की पोल खुल गई, जब कुछ देर की बारिश में ही जोन-6 के हुसैनाबाद क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक घंटाघर के पास मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव हो गया। सडक़ें पानी में डूब गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर सीवर उबलने से गंदा पानी सडक़ों पर फैल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर और नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है। कई इलाकों में जलभराव इतना अधिक था कि पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। हुसैनाबाद और घंटाघर क्षेत्र लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जलभराव ने नगर निगम और जलकल विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश से पहले नगर निगम ने नालों की सफाई, सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन पहली ही अच्छी बारिश ने उन दावों की वास्तविकता सामने ला दी। जब शहर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल घंटाघर क्षेत्र का यह हाल है, तो बाकी इलाकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यदि सीवर और नालों की नियमित सफाई तथा जल निकासी व्यवस्था समय पर दुरुस्त की जाती, तो शायद हर बारिश में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। अब एक बार फिर जलकल विभाग की कार्यप्रणाली और नगर निगम की तैयारियां सवालों के घेरे में हैं।

दो दिन पहले महापौर ने की थी बैठक

बताया जा रहा है कि महापौर को भी पहले से आशंका थी कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसी को देखते हुए दो दिन पहले उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मदों से निर्मित नालियों की कनेक्टिविटी की समीक्षा की थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाए। इसके बावजूद जोन-6 के कई इलाकों में सडक़ें पानी से लबालब हो गईं और लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया।

मानसून का कहर, बाढ़ और भूस्खलन ने बढ़ाई मुसीबतें

यूपी-दिल्ली-मुंबई में हर तरफ पानी ही पानी, कई लोग हताहत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई राज्यों में अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और गंभीर जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रेल, सडक़ और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से लाखों लोग जहां-तहां फंस गए हैं।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में कूड़े का पहाड़ एक इमारत पर गिरने से 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
वहीं दिल्ली और मुंबई के कई इलाकों में जलभराव हो गया। गुजरात के सूरत में भी भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कई जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

एनसीआर में जलभराव हो गया और यातायात जाम

राष्ट्रीय राजधानी-एनसीआर दिल्ली व यूपी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात धीमा पड़ गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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