BRICS बैठक में NSA डोभाल का बड़ा बयान, बोले- ग्लोबल साउथ की नई उम्मीद है BRICS
अजित डोभाल ने BRICS NSA की बैठक में वैश्विक उथल-पुथल, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता पर चिंता जताई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अजित डोभाल ने BRICS NSA की बैठक में वैश्विक उथल-पुथल, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्थाएं फेल हो रही हैं, ऐसे में ब्रिक्स की भूमिका अहम है. डोभाल ने ईरान-अमेरिका शांति समझौते का स्वागत किया.
ब्रिक्स देशों के NSA की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बहुत मुश्किल और अनिश्चित दौर से गुजर रही है. जगह-जगह युद्ध हो रहे हैं. अर्थव्यवस्था की हालत खराब है. हर जगह उथल-पुथल मचा है. नई टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से दुनिया को बदल रही हैं. पुरानी व्यवस्थाएं फेल हो रही हैं.
डोभाल ने कहा कि दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए जो पुराने नियम और संस्थाएं बनी थीं, वे अब कमजोर और नाकाफी साबित हो रही हैं. देशों के बीच आपसी सहयोग कम हो रहा है. ऐसे मुश्किल समय में ब्रिक्स की भूमिका बहुत अहम हो जाती है. इसे इसलिए बनाया गया था ताकि दुनिया की ताकत सिर्फ एक या दो देशों के हाथों में न रहे, बल्कि ग्लोबल साउथ की बात भी दुनिया में मजबूती से सुनी जाए.
होर्मुज का खुलना स्वागत योग्य कदम
एनएसए डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स शांति और विकास में विश्वास रखने वाला एक बेहतरीन गठबंधन है. यह समूह समय के साथ और ज्यादा ताकतवर हो रहा है. इसके अलावा उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच हाल में हुए शांति समझौते पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और ईरान के बीच हुए एमओयू का स्वागत करता है. हमें इस मामले में सावधानी के साथ उम्मीद है और हमें आशा है कि यह सफल होगा. इससे ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलेगी. होर्मुज का खुलना एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है.
उन्होंने कहा कि इससे सप्लाई चेन की बाधाएं दूर होंगी और उर्वरक व रसायन जैसे क्षेत्रों में कई तरह की कमी को पूरा किया जा सकेगा. साथ ही, इस क्षेत्र और इसके बाहर के देशों को मिलने वाली आवाजाही की आजादी से संभवतः हमारी आर्थिक समृद्धि में भी काफी सुधार होगा. ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दो दिवसीय बैठक का आज दूसरा दिन है.



