बरेली में नर्सिंग असिस्टेंट की मौत, परिवार बोला-शिकायत पर कार्रवाई होती तो बेटा बच जाता
कुलदीप गोस्वामी की मौत के बाद परिवार ने इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र में नर्सिंग असिस्टेंट कुलदीप गोस्वामी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है।
घटना के बाद सामने आए कथित सुसाइड नोट और सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। मृतक के परिवार ने दूसरी पत्नी, ससुराल पक्ष और सुभाषनगर थाने के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए संबंधित आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने सुभाषनगर थाने के एक दरोगा पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसपी सिटी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध मौत के बाद कई सवाल
कुलदीप गोस्वामी की मौत के बाद परिवार ने इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि मृतक लंबे समय से तनाव में था और उसने कई बार पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन उसकी बात पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का दावा है कि यदि समय रहते पुलिस उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
पहली शादी, तलाक और दूसरी शादी का पूरा घटनाक्रम
मृतक के पिता सत्यपाल गोस्वामी के अनुसार कुलदीप की पहली शादी लगभग 15 वर्ष पहले दयावती से हुई थी। इस विवाह से उनका एक 13 वर्षीय बेटा उत्कर्ष है। पारिवारिक विवाद के चलते पहली पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। परिजनों के मुताबिक करीब तीन महीने पहले दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत ढाई लाख रुपये का भुगतान कर तलाक की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद कुलदीप ने गुंजा से दूसरी शादी की।
दूसरी शादी के बाद बढ़े विवाद
परिवार का आरोप है कि दूसरी शादी के कुछ समय बाद ही घर में विवाद शुरू हो गए। उनका कहना है कि घर से नकदी और जेवरात गायब होने की घटनाएं होने लगीं। जब कुलदीप ने इस संबंध में आपत्ति जताई तो पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि गुंजा के भाई ने कुलदीप के छोटे भाई की पत्नी के साथ अभद्रता की थी। इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच, 1 जुलाई को गुंजा ने महिला थाने में कुलदीप और उसके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। परिवार का कहना है कि केवल तीन दिनों के भीतर उनके खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए, जिससे पूरे परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ गया।
70 हजार रुपये ट्रांसफर करने का आरोप
मृतक के परिजनों का दावा है कि कुलदीप ने पत्नी पर घर से 70 हजार रुपये निकालकर मायके पक्ष के खाते में भेजने का आरोप लगाया था। परिवार के अनुसार इस धनराशि के बैंक खाते में ट्रांसफर होने से संबंधित दस्तावेज और रसीद भी उनके पास मौजूद हैं। इसी घटना के बाद पारिवारिक विवाद और अधिक बढ़ गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
मामले में सबसे अहम पहलू कुलदीप गोस्वामी के दो कथित वीडियो हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें एक वीडियो लगभग 10 सेकेंड, जबकि दूसरा करीब 4 मिनट 21 सेकेंड का बताया जा रहा है। इन वीडियो में कुलदीप ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष को अपनी मौत का जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो में उन्होंने सुभाषनगर थाने के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। कुलदीप का दावा है कि उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई, जबकि उनकी पत्नी की शिकायत पुलिसकर्मी ने स्वयं लिखकर दर्ज कराई। इन वीडियो की सत्यता और उनमें लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
कार से मिला तीन पन्नों का कथित सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार मृतक की कार से तीन पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसमें भी वही आरोप दर्ज हैं, जो वायरल वीडियो में लगाए गए हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। हस्तलेखन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कराई जा सकती है।
पिता का दर्द: “अगर पुलिस सुन लेती तो मेरा बेटा बच जाता”
मृतक के पिता सत्यपाल गोस्वामी ने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि यदि पुलिस उनकी शिकायतों पर समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई करती तो उनका बेटा आज जीवित होता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलदीप लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना कर रहा था, लेकिन उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
एसएसपी ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने सुभाषनगर थाने के संबंधित दरोगा पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसपी सिटी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि समिति सभी तथ्यों, वायरल वीडियो, कथित सुसाइड नोट, पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का आधिकारिक बयान
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर थाना कैंट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और कथित सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में मृतक के परिवार, वायरल वीडियो और कथित सुसाइड नोट में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट:-सुनील सक्सेना, बरेली



