पार्टी में टूट की चर्चाएं बेबुनियाद: उमर

- विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के बयान को सीएम ने नकारा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनंगर। जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर अटकलों और बयानबाजी के केंद्र में आ गई है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की निर्णायक जीत के बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के उस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पार्टी का अगला लक्ष्य बताया था। उन्होंने कहा था कि हो सकता है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरह उमर अब्दुल्ला के विधायक भी उनका साथ छोड़ जाएं। इस टिप्पणी के बाद नेशनल कांफ्रेंस के भीतर संभावित उठापटक और दल बदल की चर्चाएं तेज हो गईं।
हालांकि मुख्यमंत्री ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सरकार की स्थिरता पर भरोसा जताया है। हालांकि उमर ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यदि नेशनल कांफ ्रेंस के विधायक पार्टी छोडऩे की कोशिश कर रहे होते तो वह इस तरह सार्वजनिक कार्यक्रमों में सामान्य रूप से शामिल नहीं होते। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को अस्थिर करने या पार्टी में टूट की चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उमर का यह बयान राजनीतिक संदेश देने वाला माना जा रहा है, जिसके जरिए उन्होंने अपनी सरकार की मजबूती दिखाने की कोशिश की। बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सुनील शर्मा ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी पिछले एक वर्ष से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक रणनीति पर काम कर रही है और यह क्षेत्र पार्टी का अगला प्रमुख लक्ष्य है।
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना नहीं : फारूक
वहीं, राजनीतिक सरगर्मियों के बीच नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक को भी सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। उन्होंने श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय नवाए सुबह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। फारूक ने साफ कहा कि फिलहाल किसी कैबिनेट विस्तार की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। उनके इस बयान को भी पार्टी के भीतर किसी संभावित असंतोष या फेरबदल की चर्चाओं को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।



