पंजाब कांग्रेस की कलह पर विपक्ष का प्रहार

कांग्रेस का पलटवार, कहा- आप और भाजपा में कहां है लोकतंत्र

  • विचारों में मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा : परगट सिंह
  • कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस की कल पर अब विपक्ष भी प्रहार क रने लगा है। बीजेपी व आप की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता परगट सिंह ने कि आप व भाजपा में लोकतंत्र क हा है। पूर्व मंत्री व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह नेपंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि विचारों में मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं और इन्हें आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। एएनआई से बात करते हुए सिंह ने कहा कि पार्टी में कोई गुट नहीं है और मीडिया नेताओं के बीच आम बातचीत को भी आपसी झगड़े के तौर पर दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह है कि कोई गुट नहीं है। आजकल अगर कोई किसी के साथ चाय भी पीता है, तो उसे राजनीति का हिस्सा बना दिया जाता है और कहा जाता है कि यह गुटबाजी है। ऐसा कुछ नहीं है… विचारों में मतभेद होना लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है, जबकि भाजपा और आम आदमी पार्टी -आप में ऐसा नहीं है; उनके अनुसार, इन पार्टियों में नेता खुलकर असहमति नहीं जताते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ऐसा नहीं है। अगर आप भाजपा की बात करें, तो अमित शाह और मोदी की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। मैं इसे लोकतंत्र नहीं मानता। आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के बिना कोई कुछ नहीं बोल सकता। लेकिन लोकतंत्र की असली तस्वीर के लिए आंतरिक लोकतंत्र होना चाहिए। हां, कभी-कभी हम कुछ ज़्यादा ही बोल जाते हैं। उन्होंने कहा, आज पंजाब ऐसे मोड़ पर है जहां राज्य को आगे ले जाने के लिए हमें बेहतर प्रशासन देने की ज़रूरत है। राज्य के साथ प्रयोग करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

जल्द मुद्दा सुलझ जाएगा

इस सवाल के जवाब में कि क्या पार्टी के पंजाब प्रभारी के दौरे के दौरान यह मुद्दा सुलझ जाएगा, सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व किसी भी शिकायत का समाधान करेगा। उन्होंने कहा, प्रभारी सभी से मिलते हैं और उन्हें सभी से मिलना भी चाहिए। अगर कोई शिकायत है, तो सिस्टम इसीलिए बना है। मुझे लगता है कि वह निश्चित रूप से उन शिकायतों पर ध्यान देंगे, और पार्टी आलाकमान भी।

मानवाधिकार उल्लंघनों को दिखाने वाली फिल्मों पर प्रतिबंध न लगे

इस बीच, एक ओटी प्लेटफॉर्म से सतलुज फिल्म को हटाए जाने पर सिंह ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को दिखाने वाली फिल्मों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।

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