मोदी के वीडियो पर भड़का विपक्ष, CJP प्रोटेस्ट के बीच ठाकरे बंधुओं ने भाजपा को घेरा
नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
वह पिछले 26 दिनों से नीट पेपर लीक को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। हालांकि दिल्ली समेत देशभर में विरोध प्रदर्शनों के बीच गूंगी-बहरी बनी सरकार की आँखें खुली। और पीएम मोदी भी पेपर लीक के मुद्दे को गंभीर बताने लगे।
वहीं इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच आज बैठक हुई। सीजेपी ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
वहीं इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके का कहना है कि, ‘हमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध बंद नहीं किया जाएगा। यह विरोध देश के युवाओं का है और यह किसी सोनम वांगचुक या दीपके तक सीमित नहीं है।
यह विरोध देश के युवाओं का है, विपक्षी दलों का नहीं। अगर सरकार विरोध का समाधान चाहती है, तो यह केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। मुझे लगता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को हिरासत में रखा था। जेपी नड्डा उनसे मिल सकते थे, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका। यहां तक कि हम भी उनसे नहीं मिल सके। मुझे बहुत खुशी है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।’
वहीं इस मीटिंग को लेकर सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘सरकार से 10 मिनट बातचीत हुई। हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं। मृत छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले। प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर हटे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं हुआ। कल सरकार से फिर मुलाकात होगी। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवजे और छात्रों के खिलाफ एफआईआर और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।’
प्रोटेस्ट को दौरान लाठी चार्ज को लेकर और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए. राहुल गांधी जब ये बातें कह रहे थे तब उनके साथ एक युवा भी मौजूद था. राहुल गांधी का दावा है कि उस छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था. सरकार का कहना है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया था. उसकी आंख को नुकसान पहुंचा है और उसकी देखने की क्षमता चली गई है. ऐसे हजारों युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और उनके खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. उसने पुलिस भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक हो गया था.’
राहुल गांधी ने कहा, ‘पहली मांग है कि भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को जाना होगा .दूसरी मांग- ये हमारे देश के भविष्य पर गोली चलाए हैं, लाठी चलाए हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. तीसरी मांग- पीएम मोदी, जो पूरे सिस्टम के ऑपरेटर हैं वो देश के हजारों युवाओं से माफ मांगें. ‘ उन्होंने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान हमारे शिक्षा तंत्र के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं. उन्हें जाना होगा. उन्हीं की वजह से हजारों लोग बाहर हैं. उन्हें जाना होगा.’
आपको बता दें कि यह प्रदर्शन दिल्ली तक ही नहीं सीमित है बल्कि हर राज्य में चल रहा है। वहीं इसी कड़ी में बात की जाये महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना MNS प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर युवाओं पर पड़ रहे भारी दबाव पर गहरी चिंता जताई और सख्त जवाबदेही की मांग की। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने मंत्रियों की जवाबदेही पर जोर देने के लिए 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र किया।
राज ठाकरे ने कहा कि आज छात्रों पर जो दबाव डाला जा रहा है, वह बहुत ज्यादा है। जब BJP विपक्ष में थी, तो वे कई लोगों के इस्तीफे की मांग करते थे। 26/11 के हमलों के बाद गृह मंत्री को उनके पद से हटा दिया गया था। और आज छात्र भी ठीक यही मांग कर रहे हैं कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए।
प्रधानमंत्री को कम से कम एक बार छात्रों से मिलना चाहिए था और उनसे बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, मेरा एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मैंने कहा था कि आज किसान आत्महत्या कर रहे हैं; कल छात्र करेंगे।
राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस के प्रदर्शनकारी को झूठे मामले में फंसाने वाले वायरल वीडियो का भी जिक्र किया जिसमें एक पुलिसकर्मी छात्र को नशीले पदार्थों के मामले में फंसाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने कहा, मैंने कमिश्नर को वीडियो भेजा है। उसने छात्र से कहा कि वह उसके बैग में पाउडर का पैकेट रख देगा। क्या हमारी पुलिस निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए अपने साथ पाउडर रखती है? तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मामला सिर्फ NEET परीक्षा तक सीमित नहीं है। बिहार के एक व्यक्ति ने संजय राउत से मुलाकात की और उन्हें अपनी मुश्किलों और समस्याओं के बारे में बताया। हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा। मैंने छात्रों से भी मुलाकात की, उन्हें बुरी तरह पीटा गया था। उनके कपड़े फाड़ दिए गए थे। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मामला सिर्फ NEET परीक्षा तक सीमित नहीं है।
बिहार के एक व्यक्ति ने संजय राउत से मुलाकात की और उन्हें अपनी मुश्किलों और समस्याओं के बारे में बताया। हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा। मैंने छात्रों से भी मुलाकात की, उन्हें बुरी तरह पीटा गया था। उनके कपड़े फाड़ दिए गए थे। उन्होंने कहा, देश के मौजूदा हालात को देखते हुए अब ऐसा लगता है कि मामला सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का नहीं है, पूरी सरकार को बदलने की जरूरत है।
पीएम मोदी ने NEET मामले पर वीडियो संदेश या ट्वीट के जरिए बयान दिया, लेकिन संसद में खुलकर जवाब देने से परहेज किया। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने पूछा कि जब पूरा देश छात्रों के आक्रोश से उबल रहा है तो पीएम संसद में क्यों नहीं बोले? वीडियो संदेश सुविधाजनक तरीका है, लेकिन जवाबदेही नहीं।
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने NEET मुद्दे पर चर्चा मांगी, लेकिन सरकार ने शर्तों के साथ टाला। यह लोकतंत्र की हत्या है।छात्रों की आत्महत्याएं, परीक्षा रद्द होने से बर्बाद होती तैयारी, कोचिंग माफिया का राज और केंद्र की चुप्पी मिलकर एक बड़ा घोटाला चित्रित कर रही है।
महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं का संयुक्त मोर्चा इस बात का प्रतीक है कि क्षेत्रीय राजनीति के बावजूद छात्र हित पर सब एक हो सकते हैं। 26 जुलाई का मुंबई तिरंगा आंदोलन सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला आंदोलन बन सकता है। उन्होंने साफ कहा कि इस मार्च में सिर्फ तिरंगा होगा, कोई पार्टी का झंडा नहीं। यह गैर-राजनीतिक चरित्र आंदोलन को मजबूती देगा।
युवाओं को शिक्षा के नाम पर ठगा जा रहा है। कोचिंग माफिया, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक लापरवाही मिलकर सिस्टम को खोखला कर रहे हैं। ठाकरे बंधुओं का संयुक्त प्रयास दिखाता है कि जब मुद्दा राष्ट्रहित का हो तो राजनीतिक विरोध भुलाया जा सकता है।
मुंबई 26 जुलाई को तिरंगे की लहर से भर जाएगा और सरकार को जवाब देना पड़ेगा।सरकार अगर अभी भी सिर्फ बयानबाजी और दमन पर भरोसा रखेगी तो युवा क्रांति अपरिहार्य है। छात्रों का भविष्य देश का भविष्य है। NEET घोटाले ने जो घाव दिए हैं, उन्हें जल्द भरना होगा, वरना विश्वास की कमी गहरी होती जाएगी। ठाकरे बंधुओं की मांग और प्रस्तावित आंदोलन केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है – युवाओं को नजरअंदाज मत करो, वरना परिणाम भुगतने पड़ेंगे।



