शिमला में पेट्रोल संकट: शहर के कई पंप पर रात को खत्म हो गया तेल

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में सोमवार रात को पेट्रोल संकट गहरा गया। शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने से वाहन चालकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। संजौली, बैरियर, तारा हॉल, हीरानगर और जतोग क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर “नो पेट्रोल” की स्थिति बन गई थी, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों से लेकर टैक्सी चालकों और आम वाहन मालिकों तक सभी को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
सुबह लग गई लाइनें
हालांकि मंगलवार सुबह हालात कुछ सामान्य हुए और पेट्रोल की सप्लाई शुरू हो गई। तेल पहुंचते ही शहर के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। लोग सुबह से ही अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पेट्रोल मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बीच पेट्रोल के दामों में 80 से 90 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। तेल की कमी की आशंका के चलते कई वाहन मालिकों ने सामान्य से अधिक पेट्रोल भरवाया।
क्या कहते हैं लोग
स्थानीय वाहन मालिक अर्जुन अरोड़ा और विवेक शर्मा ने बताया कि सोमवार को उन्हें बिना पेट्रोल के लौटना पड़ा था, इसलिए मंगलवार को उन्होंने 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त पेट्रोल डलवाया। उनका कहना था कि दाम बढ़ने से थोड़ी परेशानी जरूर हुई है, लेकिन सबसे बड़ी राहत यह है कि पेट्रोल मिलना शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों को डर था कि यदि तेल की सप्लाई लगातार प्रभावित रही तो रोजमर्रा के काम, ऑफिस आना-जाना और जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल पेट्रोल की आपूर्ति बहाल होने से लोगों ने राहत महसूस की है, हालांकि बढ़ती कीमतों और भविष्य में सप्लाई को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।
आखिर क्या रही वजह
पेट्रोल पंप अचानक तेल खत्म होने की क्या वजह रही होगी, इस पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। यह भी बताया जा रहा है कि शिमला में पर्यटकों के काफी ज्यादा संख्या में पहुंचने के कारण डिमांड ज्यादा बढ़ने से ऐसा हुआ। हालांकि अभी कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।



