देश के श्रमिकों की अंतिम पुकार पीएम मोदी ने की अनसुनी: राहुल
नेता प्रतिपक्ष ने किया नोएडा के श्रमिकों की मांग का समर्थन

पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन भडक़ उठे। प्रदर्शन के कुछ हिस्सों में हिंसा भडक़ी और आगजनी व तोडफ़ोड़ की घटनाएं हुईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाया। हालांकि इस घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष व कांग्रस सांसद राहुल गांधी ने श्रमिकों की मांग का समर्थन करते हुए ट्विटर पर एक लंबा पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार द्वारा उनकी मांगों को नजरअंदाज करने की कड़ी आलोचना की।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सोमवार को नोएडा में जो हुआ वह देश के श्रमिकों की अंतिम पुकार थी। नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन भडक़ उठे। प्रदर्शन के कुछ हिस्सों में हिंसा भडक़ी और आगजनी व तोडफ़ोड़ की घटनाएं हुईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाया। राहुल ने श्रमिकों की मांग का समर्थन करते हुए ट्विटर पर एक लंबा पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार द्वारा उनकी मांगों को नजरअंदाज करने की कड़ी आलोचना की।

बेलगाम महंगाई जिंदगी का गला घोंट रही
राहुल ने लिखा कि कल नोएडा की सडक़ों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख़ थी – जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया। नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की 12००० महीने की तनख्वाह, 4०००-7००० किराया। जब तक 3००० की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक 5०० सालाना किराया बढ़ा देता है। तनख्वाह बढऩे तक ये बेलगाम महंगाई जि़ंदगी का गला घोंट देती है, कजऱ् की गहराई में डुबा देती है – यही है विकसित भारत का सच। एक महिला मज़दूर ने कहा गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं। इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ?5०० का भी सिलेंडर खरीदा होगा। यह सिफऱ् नोएडा की बात नहीं है। और यह सिफऱ् भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं – पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है।
मजदूर पर टैरिफ वॉर की सबसे बड़ी मार
मगर, अमेरिका के टैरिफ़ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन – इसका बोझ मोदी जी के मित्र उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मज़दूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज़ खाता है। वो मज़दूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई – जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार। एक और ज़रूरी मुद्दा – मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाज़ी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया। जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस कज़ऱ् लेकर भरता है – क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? और जो उसका हक़ हर रोज़ मार रहा है – वो विकास कर रहा है? नोएडा का मज़दूर ?2०००० माँग रहा है। यह कोई लालच नहीं – यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं – जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।
पवन खेड़ा को नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम छूट पर रोक लगाई
हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि उसने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दायर एक मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें गिरफ्तारी से बचाने के लिए दी गई अग्रिम छूट पर रोक लगा दी है।
असम में दर्ज एफआईआर, खेड़ा के इस दावे पर आधारित है कि उनके पास कई देशों के पासपोर्ट हैं, जिससे पूर्वोत्तर राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 1० अप्रैल को उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी, जिससे उन्हें आगे की राहत के लिए उचित न्यायालय में जाने का समय मिल गया। खेड़ा ने 7 अप्रैल को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने हैदराबाद का अपना आवासीय पता दर्ज कराया और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम छूट पर रोक लगाई
मंता बिस्वा सरमा की पत्नी मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि उसने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दायर एक मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें गिरफ्तारी से बचाने के लिए दी गई अग्रिम छूट पर रोक लगा दी है।
असम में दर्ज एफआईआर, खेड़ा के इस दावे पर आधारित है कि उनके पास कई देशों के पासपोर्ट हैं, जिससे पूर्वोत्तर राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 1० अप्रैल को उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी, जिससे उन्हें आगे की राहत के लिए उचित न्यायालय में जाने का समय मिल गया। खेड़ा ने 7 अप्रैल को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने हैदराबाद का अपना आवासीय पता दर्ज कराया और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की।
छत्तीसगढ़ मेंता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 14 की मौत
हादसे की जांच के लिए कांग्रेस ने गठित की समिति
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सिंहितराई गांव स्थित वेदांता लिमिटेड पावर प्लांट में बॉयलर की स्टीम ट्यूब फटने से हुए जबरदस्त धमाके में मरने वालों की संख्या बढक़र 14 हो गई है। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस पर गहरा दुख प्रकट किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक पावर प्लांट में हुए धमाके में हुई मौतों पर दुख जताया। राष्ट्रपति ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक पावर प्लांट में लोगों की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। इस दुखद दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं। वहीं हादसे की जांच के लिए कांग्रेस ने समिति गठित की। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब प्लांट के भीतर बॉयलर फटने से जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 14 मजदूरों की मौत हो गई है और 26 मजदूर घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 1० सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।समिति का संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। पूर्व मंत्री नोबल वर्मा सहित कई विधायक सदस्य बनाए गए हैं। रामकुमार यादव, उत्तरी जांगड़े, बलेश्वर साहू समेत कई नेता शामिल हैं। समिति को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाकर पीडि़तों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करे। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
पंजाब में दर्दनाक सडक़ हादसा, फतेहगढ़ साहिब में बस पेड़ से टकराई, 5 यात्रियों की मौत, 15 घायल
चंडीगढ़। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले से बुधवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बस्सी पठाना के पास एक निजी बस के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा जाने के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना बुधवार सुबह उस समय हुई जब यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। बस्सी पठाना के पास चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस सडक़ से नीचे उतर गई और किनारे लगे पेड़ों से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें राहत व बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं। गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
राघव चड्ढा को केंद्र सरकार ने दी जेड सिक्योरिटी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राघव चड्डा की सिक्योरिटी को वापस ले लिया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को जेड सिक्योरिटी कवर दिया है। दिल्ली और पंजाब में राघव चड्ढा को जेड सुरक्षा कवर मिलेगा, जबकि बाकी जगहों के लिए वाई प्लस सिक्योरिटी रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, आईबी की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय ने ये फैसला लिया है। आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटा दिया था और उनके सदन में बोलने पर भी रोक लगा दी थी. उनकी जगह आम आदमी पार्टी ने अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया है. ये भी दिलचस्प है कि प्रवर्तन निदेशालय ने आज ही अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर और उनकी निजी यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है।
राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच काफी समय से सबकुछ सही नहीं चल रहा था, जिसके बाद ्र्क् ने उनसे जिम्मेदारी वापस ले ली थी, लेकिन इसके बाद चड्ढा ने बगावती तेवर अपना लिए और पार्टी की ओर से लगातार लगाए जा रहे आरोपों का एक के बाद एक वीडियो जारी करके जवाब दिया. राघव ने राज्यसभा में बोलने से रोकने पर कहा था कि उन्हें खामोश किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं गया।
नोएडा हिंसा: आरजेडी की प्रियंका भारती समेत चार के खिलाफ केस
फेक वीडियो पोस्ट कर आग भडक़ाने का आरोप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भडक़ाऊ वीडियो प्रसारित कर सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल की प्रवक्ता प्रियंका भारती सहित कई अन्य उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यह मामला 11 अप्रैल 26 को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक पुराने वीडियो को नोएडा का बताकर प्रसारित करने से जुड़ा है, जिसमें पुलिस को एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते हुए दिखाया गया था। इसके अलावा, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सेक्टर-62 में आगजनी का एक झूठा वीडियो भी फैलाया गया था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस सुनियोजित साजिश का मुख्य उद्देश्य नोएडा के नागरिकों में प्रशासन के प्रति अविश्वास और भय का माहौल पैदा करना था।
साइबर क्राइम थाने में दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, जितेंद्र कुमार दौसा ने फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था, जो असल में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का था। इस वीडियो में एक व्यक्ति हंगामा कर रहा था, जिसे जितेंद्र दौसा ने नोएडा का मजदूर बताकर भ्रामक कैप्शन के साथ प्रचारित किया। इसका उद्देश्य लोगों को उकसाना और भ्रमित करना था। इसी प्रकार, क्स हैंडल से नोएडा के सेक्टर-62 में आगजनी का दावा करने वाला एक वीडियो भी चलाया गया, जिसे पुलिस जांच में पूरी तरह से फर्जी पाया गया। इन भ्रामक पोस्ट्स के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था।पुलिस जांच में यह सामने आया है कि यह कृत्य एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
आरोपियों ने जानबूझकर झूठी खबरें और भ्रामक वीडियो प्रसारित किए, ताकि नोएडा के नागरिकों के मन में प्रशासन के प्रति संदेह पैदा किया जा सके और कानून व्यवस्था को बिगाड़ा जा सके। इस मामले में नोएडा पुलिस के उपनिरीक्षक ने केस दर्ज कराया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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ईरान-अमेरिका युद्ध अब अंत के करीब!
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- युद्ध के कारण ईरान नहीं बना सका परमाणु हथियार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा, ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब खत्म होने के करीब है। उन्होंने आगे कहा कि अगर वह अभी अपनी सेना हटा लेते हैं, तो तेहरान को फिर से खड़ा होने में 2० साल लग जाएंगे।
ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप की नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले सभी जहाजों को सफलतापूर्वक रोक दिया है। कमांड ने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों के लिए नेविगेशन की आजादी का समर्थन कर रहा है। ट्रंप ने बताया कि, अगर वह ईरान पर अपना ध्यान नहीं लगाते तो उनके पास परमाणु हथियार होता, और वहां मौजूद हर किसी को सर कहकर बुला रहे होते। जबकि ऐसा करना कोई नहीं चाहेगा। मालूम हो कि 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए इस्लामाबाद में एक लंबी बातचीत शुरू की गई थी। हालांकि इस वार्ता के दौरान, अमेरिका और ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए थे।
बातचीत का दूसरा दौर जल्द ही इस्लामाबाद में फिर
इसके अलावा अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि, ट्रंप ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर जल्द ही इस्लामाबाद में शुरू कर सकते है। वहीं, ट्रंप ने बातचीत के दूसरे दौर की संभावना का श्रेय पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दिया है।



