उज्जैन में महाकाल प्रोजेक्ट पर सियासत तेज क्या बीजेपी को होगा नुक्सान?

Political intensification on Mahakal project in Ujjain, will BJP be harmed?

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ।

उज्जैन में तूफान में गिरी कई प्रतिमाएं गिरने के बाद अब इस घटना के बाद श्रद्धालओं कुछ दिन तक दर्शन नहीं करने जा सकेंगे। वहीँ कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा को घेरती नजर आ रही है। बता दें कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जैसा कि सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश के चुनाव बहुत करीब हैं, ऐसे में कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने में लग गई है। महेश परमार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में महाकाल लोक में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक दल बनाया है। इस दल में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, उज्जैन जिले के कांग्रेस के सभी विधायक, शोभा ओझा, के के मिश्रा सहित अन्य नेता शामिल होंगे। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि को आवासी करने का आरोप भी लगाया है। खबर के मुताबिक घटना ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे का मुख्य प्रवेश द्वार ‘नंदी द्वार’ पर हुई। शिवराज सरकार के वित्त और उज्जैन के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2 हफ्ते के अदंर फिर से मूर्तियों को तैयार कर दिया जाएगा. जगदीश देवड़ा ने कहा कि सभी मूर्तियों पर सीधे रंग लगा दिया गया था, इसकी वजह से भी मजबूती पर असर पड़ा. इन प्रतिमाओं के अंदर लोहे का जाल भी नहीं लगाया गया था. अब नए सिरे से प्रतिमाओं पर काम शुरू किया जा चुका है। महाकालेश्वर मंदिर समिति ने भी इस घटना को भ्रष्टाचार से जोड़ दिया है. महामंडलेश्वर मंदाकिनी देवी ने कहा कि हरिद्वार में गंगा किनारे भगवान शिव की प्रतिमा पर कई बार आंधी तूफान आने के बावजूद कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन महाकाल लोक की प्रतिमा थोड़ी सी आंधी में क्षतिग्रस्त हो गई. यह भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है.इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संज्ञान लेना चाहिए।

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