महाराष्ट्र में सियासी हलचल, डिप्टी CM पद को लेकर अटकलें तेज
अजित पवार के निधन पर शरद पवार ने कहा, "उनका जाना हम सभी के लिए गहरा आघात है. उनके निधन से जो परिस्थितियां बनी हैं, उनमें हमें मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा. जनता की पीड़ा कम करने के लिए काम करना होगा. उन्हीं मूल्यों और कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना होगा, जिनके साथ उन्होंने सेवा की."

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र की सियासत का पहिया फिर से घूमने लगा है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में मौत के बाद बदले हालात को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सुनेत्रा पवार अपने पति की खाली जगह को भरने के लिए उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. कहा जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की बैठक आज शनिवार दोपहर 2 बजे होनी है और उसके बाद वह शाम 5 बजे शपथ ग्रहण करेंगी. हालांकि इस शपथ लेकर शरद पवार का कहना है कि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है.
अजित पवार के निधन पर शरद पवार ने कहा, “उनका जाना हम सभी के लिए गहरा आघात है. उनके निधन से जो परिस्थितियां बनी हैं, उनमें हमें मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा. जनता की पीड़ा कम करने के लिए काम करना होगा. उन्हीं मूल्यों और कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना होगा, जिनके साथ उन्होंने सेवा की.”
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने पार्टी के संभावित विलय, राजनीतिक बैठकों और अजित पवार के बाद के घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. शरद ने कहा, “जो भी बैठकें हो रही हैं और जो भी फैसले लिए जाने हैं, वे सभी मुंबई में हो रहे हैं. इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा.”
मुझसे नहीं पूछा गयाः शरद पवार
हालांकि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले पर शरद पवार ने कहा, “इस फैसले के बारे में मुझसे नहीं पूछा गया था. मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सुनेत्रा महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ले रही हैं, यह फैसला उनकी पार्टी ने किया होगा.” सुनेत्रा को लेकर शरद पवार ने कहा, “अस्थि विसर्जन तक सुनेत्रा हमारे साथ में थीं, लेकिन उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कुछ बात नहीं कही.”
शपथ को लेकर परिवार में नाराजगी!
सूत्रों का कहना है कि सुनेत्रा के विधायक दल की नेता बनने और उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेने की खबर के बीच पावर परिवार में नाराजगी दिख रही है. अजित के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद शपथ ग्रहण को लेकर परिवार नाराज है. परिवार के कई सदस्य कुछ दिन इंतजार करने के पक्ष में है. परिवार में धड़ा मानता है कि अजित पवार के 13 दिन के शोक के बाद यह फैसला लेना चाहिए था.
एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर शरद पवार ने साफ कर किया कि पिछले चार महीनों से जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच बातचीत चल रही थी. उन्होंने कहा, “विलय को लेकर चर्चाएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थीं. इसकी सार्वजनिक घोषणा भी होने वाली थी.”
4 महीने से बातचीत चल रही थीः पवार
उन्होंने आगे कहा, “दोनों एनसीपी के विलय को लेकर जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच पिछले 4 महीने से बातचीच चल रही थी. चर्चा सकारात्मक दिशा में चल रही थीं और 12 फरवरी को सार्वजनिक घोषणा भी होने वाली थी.”
शरद पवार ने कहा, “प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे अपनी-अपनी पार्टी के नेता हैं और यह उनका अधिकार है. अजित पवार का निधन राज्य के लिए बड़ा झटका है. एनसीपी को क्या करना चाहिए, यह उनकी पार्टी के नेता तय करेंगे.मुझे नहीं पता कि छगन भुजबल और सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री से इस बारे में चर्चा की या नहीं. विलय को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई थी, लेकिन अब संबंध टूट गए हैं.”
अजित को लेकर भावुक हो गए शरद
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को याद करते हुए शरद पवार भावुक हो गए. उन्होंने कहा, “अजित पवार एक सक्षम और समर्पित नेता थे, जिन्होंने वास्तव में जनता के लिए काम किया. वे जनसमस्याओं को गहराई से समझते थे और हमेशा लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत रहते थे. बारामती की जनता हमेशा उनके साथ खड़ी रही और अपने कर्तव्यों तथा जिम्मेदारियों के निर्वहन में वे कभी पीछे नहीं हटे.”
शरद ने आगे कहा, “उनका जाना हम सभी के लिए गहरा आघात है. उनके निधन से जो परिस्थितियां बनी हैं, उनमें हमें मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा. जनता की पीड़ा कम करने के लिए काम करना होगा. उन्हीं मूल्यों और कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना होगा, जिनके साथ उन्होंने सेवा की. मुझे पूरा विश्वास है कि उनके परिवार की नई पीढ़ी उनकी विरासत और कार्यशैली को आगे बढ़ाएगी.”



