गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान
कांग्रेस ने भाजपा पर अपमान करने का लगाया आरोप, भाजपा बोली- नेता प्रतिपक्ष ने पूर्वोत्तर की संस्कृति का नहीं किया सम्मान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर इस मामले को लेकर करारा प्रहार किया है। जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर विपक्ष का जानबूझकर अपमान करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में, भाजपा ने राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में राहुल गांधी द्वारा गमोसा न पहनने को पूर्वोत्तर की संस्कृति का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई। खरगे ने कहा कि मैं सबसे वरिष्ठ नेता हूं, वे मुझे तीसरी पंक्ति में और राज्य मंत्रियों के साथ कैसे बिठा सकते हैं? आपने मेरा, कांग्रेस का और संविधान का अपमान किया है। इससे पहले, भाजपा ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित गृह सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अनुरोध के बावजूद पटका न पहनने के कारण राहुल गांधी पर पूर्वोत्तर की संस्कृति और लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के इस कदम की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे उत्तर के प्रति उपेक्षा की भावना और मजबूत होती है।

दो विपक्षी नेताओं को तीसरी पंक्ति में बैठाकर संविधान का अपमान किया गया : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर विधानसभा चुनावों को देखते हुए जानबूझकर विपक्ष का अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर दो विपक्षी नेताओं को समारोह के दौरान तीसरी पंक्ति में बैठाकर संविधान का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित स्वागत समारोह के दौरान असमिया गमोसा को लेकर उठे विवाद पर भी स्पष्टीकरण दिया।
पटके को लेकर भी मचा था बवाल
भाजपा नेताओं के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों सहित गृह स्वागत समारोह में सभी ने पटका पहना था। असम के मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, समय बदल सकता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के वास्तविक सर्वोच्च नेता राहुल गांधी का रवैया अफसोसजनक रूप से अपरिवर्तित प्रतीत होता है। पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति घोर असंवेदनशील और अपमानजनक कृत्य करते हुए, गांधी ने भारत के राष्टपति द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक पारंपरिक पटका को नहीं पहना।
कांग्रेस अध्यक्ष बोले- आगामी चुनावों के लिए उठा रहे गमोसा का मुद्दा
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने गमोसा पहना था। खाना खाते समय उन्होंने उसे मोडक़र रख दिया। भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दो विपक्षी नेताओं को तीसरी पंक्ति में बैठाकर वे संविधान का अपमान कर रहे हैं। हम भी राज्य मंत्रियों के साथ भारत के राष्ट्रपति से मिलने के लिए कतार में खड़े थे। वे जानबूझकर विपक्ष का इतना अपमान कर रहे हैं, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं जब वे (भाजपा) कहते हैं कि कांग्रेस पूर्वोत्तर का अपमान करने के लिए ऐसा कर रही है। वे ऐसा सिर्फ कांग्रेस को अपमानित करने और आगामी चुनावों के लिए कर रहे हैं।
विजय की फिल्म जना नायकन को बड़ा झटका
हाईकोर्ट ने सर्टिफिकेट संबंधी आदेश किया रद्द
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश को रद्द कर ष्टक्चस्नष्ट को जवाब देने का समय देने का निर्देश दियासिंगल जज ने बिना काउंटर एफिडेविट के फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट मामले में फैसला दिया था, जो उचित नहीं माना गयाअभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ की पोंगल पर रिलीज फिर से अनिश्चित हो गई है और मामला कोर्ट में लंबित है मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने उस आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक सिंगल जज ने सीबीएफसी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) को एक्टर विजय की फिल्म ‘जना नायकन को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था.
जस्टिस एम. एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मूर्गन की बेंच ने कहा कि सिंगल जज जस्टिस पी. टी. आशा को सीबीएफसी को जवाब दाखिल करने के लिए समय देना चाहिए था। बेंच ने माना कि बिना काउंटर एफिडेविट के मेरिट्स में जाना उचित नहीं था। इस आदेश के बाद फिल्म की रिलीज पर फिर संकट मंडरा गया है, ‘जना नायकन इस महीने पोंगल पर रिलीज होने वाली थी. बताया जा रहा है कि यह अभिनेता विजय की राजनीति में औपचारिक प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म है। इसके बाद वो पूरी तरह से राजनीति की दुनिया में सक्रिय रहेंगें। हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता को निर्देश दिया कि वे इस मामले के तुरंत निपटारे के लिए सिंगल जज के सामने फिर से अप्रोच कर सकते हैं। बेंच ने यह भी कहा कि सिंगल जज यह तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे कि मामला रिवाइजिंग कमिटी को भेजना सही था या नहीं, क्या चेयरपर्सन का निर्णय उचित था।
लखनऊ नगर निगम सदन व बाहर हंगामा
भाजपा के दलित पार्षद ने महापौर के ओएसडी पर लगाए गंभीर आरोप
सपा और कांग्रेस पार्षद सामान्य सदन से पहले पुनरीक्षित बजट को लेकर बवाल काटा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आज लखनऊ नगर निगम का सामान्य सदन चल रहा है। सपा और कांग्रेस पार्षद सामान्य सदन से पहले पुनरीक्षित बजट को लेकर हंगामा किया। भाजपा पार्षद एकजुट होकर मेयर के पक्ष में आ गए। मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- मैंने सामान्य सदन और पुनरीक्षित बजट दोनों का प्रस्ताव भेज दिया है।
वहीं बसपा छोडक़र भाजपा में शामिल हुए पार्षद अमित चौधरी ने पार्टी और नगर निगम व्यवस्था को लेकर बड़ा दर्द सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। पार्षद ने महापौर के ओएसडी श्री प्रकाश उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके और उनके वार्ड के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
अवैध डेयरी के खिलाफ अभियान चलाने के बाद पकड़ी गई गायों को छुड़वा देते हैं ओएसडी : अमित
पार्षद अमित चौधरी का कहना है कि जब भी वे अवैध डेयरी के खिलाफ अभियान चलाते हैं, तो महापौर के ओएसडी प्रकाश उपाध्याय पकड़ी गई गायों को छुड़वा देते हैं। इतना ही नहीं, अभियान में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड कराने तक की धमकी दी जाती है। पार्षद ने सवाल उठाया कि आखिर उनके वार्ड में ही इस तरह की दखलअंदाजी क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 15वां वित्त आयोग और अवस्थापना मद से कोई भी कार्य नहीं दिया जा रहा है। वहीं जीएम जलकल पर महापौर की विशेष मेहरबानी है, जबकि उनका वार्ड गंदे पानी और सीवर की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। पार्षद ने कहा कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अमित चौधरी ने यह भी कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं के कहने पर वे पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन दलित पार्षद होने के कारण उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने तक नहीं दिया जाता, जबकि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याएं सदन में रखना उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 15वां वित्त आयोग और अवस्थापना मद से कोई भी कार्य नहीं दिया जा रहा है। वहीं जीएम जलकल पर महापौर की विशेष मेहरबानी है, जबकि उनका वार्ड गंदे पानी और सीवर की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। पार्षद ने कहा कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
अमित चौधरी ने यह भी कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं के कहने पर वे पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन दलित पार्षद होने के कारण उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने तक नहीं दिया जाता, जबकि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याएं सदन में रखना उनका अधिकार है।
तेज रफ्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, चार की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर मंगलवार को एक सडक़ हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना उधमपुर जिले के शारदा माता के पास हुई, जहां एक बस और एक मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि बस उधमपुर की ओर जा रही थी और कथित तौर पर तेज रफ्तार में थी। हादसे की गंभीरता के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसमें बस सवार चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीक अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वही बस सडक़ किनारे खड़े महिंद्रा लोड कैरियर की मरम्मत कर रहे दो मैकेनिकों को भी टक्कर मार दी। दोनों मैकेनिकों को भी गंभीर चोटें आईं और वे घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।
सीआरपीएफ के दूसरे कमांडर करतर सिंह 137 बटालियन ने बताया श्रीनगर की ओर मीलस्टोन 68 के पास एक दुर्घटना हुई है। बस एक पिकअप से टकराई जिसमें चार लोग और 52 बटालियन का एक सीआरपीएफ जवान की मौत हुई। अभी तक मृतकों की पहचान आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
पश्चिम बंगाल में गोदामों में भीषण आग से 8 लोगों की दर्दनाक मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ दो गोदामों में लगी भीषण आग ने कम से कम आठ लोगों की जान ले ली। यह हादसा कोलकाता के नरेन्द्रपुर थाना क्षेत्र के नजीराबाद इलाके में हुआ।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नजीराबाद में स्थित दो गोदाम, जो एक-दूसरे के बिल्कुल बगल में थे, अचानक आग की लपटों में घिर गए। आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को लगभग सात घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान करीब पांच बजे घटनास्थल से तीन शव बरामद किए गए और बाद में पांच अन्य शवों को ढूंढ निकाला गया। बारुईपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने बताया कि शव बुरी तरह झुलसे होने के कारण अभी मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि मलबा पूरी तरह से साफ होने के बाद ही पता चल पाएगा कि संबंधित स्थल पर कोई और शव तो नहीं है या मलबे में कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी लेकिन फंसे हुए लोगों के परिवारों के मुताबिक यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है क्योंकि पास के गोदामों में साज सज्जा का काम करने वाली एक कंपनी और मोमो बेचने वाली एक कंपनी के मजदूर काम करते थे।
थरूर को लेकर एक बार फिर सियासी बवाल
कांग्रेस बोली- उनकी जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान कर लिया जाएगा
विदेश में किसी भी प्रकार की कोई भी प्रतिक्रि या उचित नहीं : थरूर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने ऐसी खबरें देखी हैं जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने दुबई में माकपा से जुड़े लोगों के साथ चर्चा की है। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वह दुबई में एक साहित्य महोत्सव में भाग ले रहे हैं।
राज्य में सत्तारूढ़ माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने थरूर के पार्टी में शामिल होने की किसी भी चर्चा को महज अटकलें बताकर खारिज कर दिया। वहीं कांग्रेस ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता हैं, उनकी जो भी समस्याएं होंगी उनका समाधान कर लिया जाएगा। कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि थरूर पार्टी छोड़ रहे हैं। थरूर ने इन खबरों पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए संपर्क किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने दुबई की यात्रा के दौरान ऐसी खबरें देखीं, लेकिन विदेश में रहते हुए ऐसे मामलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। तिरुवनंतपुरम के लोकसभा सदस्य के किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने की अटकलें इन खबरों के बाद सामने आईं कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कोच्चि में हाल के एक कार्यकम में उनकी कथित तौर पर उपेक्षा किए जाने और राज्य में पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें ‘‘दरकिनार करने’’ से नाराज हैं।
थरूर के पार्टी में शामिल होने की बातें अटकलें: गोविंदन
इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के प्रदेश सचिव एम.वी. गोविंदन ने थरूर के पार्टी में शामिल होने को लेकर किसी भी चर्चा के बारे में उठ रहे सवालों को महज अटकलबाजी बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी खबरों की कोई प्रासंगिकता नहीं है। गोविंदन ने कहा, थरूर कांग्रेस के एक प्रमुख नेता बने हुए हैं। वे नियमित रूप से भाजपा के प्रधानमंत्री की प्रशंसा करने का एक अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि उनके माकपा में शामिल होने की अफवाहें प्रासंगिक हैं।
जब गोविंदन से पूछा गया कि अगर थरूर माकपा में शामिल होने का फैसला करते हैं तो क्या उन्हें स्वीकार करने में कोई बाधा होगी, तो उन्होंने कहा कि पार्टी उन व्यक्तियों, समूहों या पार्टियों को स्वीकार करने के सामान्य नियम का पालन करती है जो राजनीति में सांप्रदायिक ताकतों का विरोध करने और राज्य में वाम मोर्चे की विकास नीतियों का समर्थन करने के इच्छुक हैं।
थरूर ने कांग्रेस के लिए कोई समस्या खड़ी की है इसकी जानकारी नहीं : सतीशन
इस बीच, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि थरूर ने कांग्रेस के लिए कोई समस्या खड़ी की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पूछा, आप तरह-तरह की रिपोर्ट देते हैं और फिर हमसे जवाब मांगते हैं। इस बारे में मैं क्या कह सकता हूं?। उन्होंने कहा कि थरूर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अगर कोई समस्या होगी भी तो उसका समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, अगर उन्हें कोई शिकायत है तो राष्ट्रीय नेतृत्व इसकी पड़ताल करेगा और हम इसे उनके संज्ञान में लाएंगे।
पार्टी के प्रति पूरी तरह से वफादार हैं थरूर : अडूर प्रकाश
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) संयोजक अडूर प्रकाश ने कहा कि थरूर कांग्रेस की कार्य समिति के सदस्य हैं और पार्टी के प्रति पूरी तरह से वफादार हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि थरूर कांग्रेस छोड़ रहे हैं।



