गुजरात में सियासी ट्विस्ट, पति-पत्नी आमने-सामने, BJP-AAP-Congress की तगड़ी टक्कर

गुजरात की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है... जहां एक ही दंपत्ति अलग-अलग पार्टियों से चुनावी मैदान में उतरकर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल को होने वाले हैं.. इन चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं.. अमरेली जिले के सावरकुंडला नगर पालिका में एक ऐसा अनोखा घटनाक्रम सामने आया है.. जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है.. यहां एक दंपत्ति पोपटभाई जमोद और उनकी पत्नी हंसाबेन जमोद को तीनों प्रमुख पार्टियों.. भाजपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से टिकट मिले..

वहीं एक ही वार्ड नंबर 6 से पति को भाजपा और AAP दोनों ने टिकट की पेशकश की.. जबकि पत्नी को कांग्रेस ने उसी वार्ड से अपना उम्मीदवार बनाया.. यह घटना राजनीति में टिकट पाने की सामान्य प्रक्रिया को पूरी तरह उलट-पुलट कर देने वाली है.. आमतौर पर लोग सालों की मेहनत के बाद किसी एक पार्टी से टिकट की उम्मीद करते हैं.. लेकिन यहां एक परिवार को तीनों पार्टियों से ऑफर मिल गए..

बता दें कि सावरकुंडला अमरेली जिले का एक महत्वपूर्ण कस्बा है.. यहां नगर पालिका के चुनाव में स्थानीय मुद्दे जैसे पानी की सप्लाई, सड़कें, सफाई, ड्रेनेज.. और रोजगार प्रमुख रहते हैं.. पोपटभाई जमोद जमीनी स्तर के जाने-माने कार्यकर्ता हैं.. वे लंबे समय से राजनीति से जुड़े रहे हैं.. शुरू में वे भाजपा से काफी करीब थे.. भाजपा ने उन्हें वार्ड नंबर 6 से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित भी कर दिया था.. लेकिन पार्टी के अंदर कुछ असंतोष पैदा हो गया.. जब उनके एक करीबी सहयोगी को टिकट नहीं मिला.. तो पोपटभाई नाराज हो गए.. और उन्होंने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलने का फैसला किया..

इसके बाद पोपटभाई ने अपनी पत्नी हंसाबेन जमोद का कांग्रेस से नामांकन सुनिश्चित करवाया.. हंसाबेन कांग्रेस के टिकट पर वार्ड नंबर 6 से चुनाव लड़ रही हैं.. वहीं यह कदम स्थानीय राजनीतिक हलकों में काफी चौंकाने वाला रहा.. लोग कह रहे हैं कि एक ही परिवार के सदस्य एक ही वार्ड से अलग-अलग पार्टियों के साथ जुड़ गए.. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.. आम आदमी पार्टी ने अपनी उम्मीदवारों की सूची जारी की.. और उसी वार्ड से पोपटभाई जमोद को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया.. इस तरह पति को भाजपा और AAP दोनों से टिकट की पेशकश मिली.. जबकि पत्नी कांग्रेस की उम्मीदवार बन गईं..

पोपटभाई जमोद ने अपना पक्ष साफ करते हुए कहा कि अब वे भाजपा के साथ नहीं हैं.. और उन्होंने खुलकर बताया कि तीनों पार्टियों से उन्हें टिकट के प्रस्ताव मिले थे.. लेकिन उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया है.. पोपटभाई ने कहा कि मैं पहले भाजपा के साथ था.. लेकिन जब मेरे सहयोगी को टिकट नहीं मिला, तो मैं नाराज हो गया.. अब मैं कांग्रेस में शामिल हो गया हूं.. मेरी पत्नी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.. मैंने भाजपा और AAP दोनों को बता दिया है कि मैं चुनाव मैदान में नहीं उतरूंगा.. उनके इस बयान से साफ हो गया कि.. परिवार अब कांग्रेस के साथ ज्यादा करीब है.. लेकिन AAP ने नाम घोषित कर दिया था..

वहीं यह घटना गुजरात की स्थानीय राजनीति में काफी दुर्लभ है.. आमतौर पर राजनीतिक परिवारों में पति-पत्नी अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ते दिखते हैं.. लेकिन तीनों प्रमुख पार्टियों से एक ही समय में प्रस्ताव मिलना.. और फिर पति का चुनाव न लड़ना.. यह सब बहुत कम देखने को मिलता है.. स्थानीय लोग और राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि यह घटना टिकट बंटवारे में आंतरिक असंतोष, परिवार की रणनीति.. और स्थानीय समीकरणों को दर्शाती है.. सावरकुंडला नगर पालिका में कई वार्ड हैं.. और हर वार्ड से पार्षद चुने जाते हैं.. वार्ड नंबर 6 अब त्रिकोणीय मुकाबले का केंद्र बन गया है..

पोपटभाई जमोद की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है.. वे जमीनी स्तर पर काम करते रहे हैं.. भाजपा में रहते हुए उन्होंने कई छोटे-मोटे कामों में सक्रिय भूमिका निभाई.. लेकिन टिकट बंटवारे में सहयोगी को न मिलने से नाराजगी बढ़ गई.. उन्होंने अपनी पत्नी हंसाबेन को कांग्रेस के साथ जोड़ा.. हंसाबेन भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय रही हैं.. अब वे कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं.. उनके नामांकन ने कांग्रेस को वार्ड नंबर 6 में मजबूती दी है..

आम आदमी पार्टी ने पोपटभाई को टिकट देकर अपनी रणनीति दिखाई.. AAP गुजरात में स्थानीय चुनावों में बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है.. सूरत, अहमदाबाद और अन्य जगहों के साथ-साथ अमरेली जैसे जिलों में भी पार्टी उम्मीदवार उतार रही है.. AAP का फोकस आम आदमी के मुद्दों और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन पर है.. लेकिन पोपटभाई ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया.. इसलिए AAP को अब नए उम्मीदवार पर विचार करना पड़ सकता है.. या नामांकन वापस लेने का विकल्प देखना होगा..

भाजपा ने शुरू में पोपटभाई को उम्मीदवार बनाया था.. पार्टी गुजरात में लंबे समय से सत्ता में है.. और स्थानीय निकायों में भी मजबूत स्थिति रखती है.. लेकिन आंतरिक असंतोष के कारण पोपटभाई दूर हो गए.. भाजपा अब वार्ड नंबर 6 के लिए नए उम्मीदवार की तलाश में है.. या पहले घोषित नाम पर टिके रहने का फैसला कर सकती है.. यह घटना दिखाती है कि टिकट बंटवारे में छोटी-छोटी बातें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं.. सावरकुंडला नगर पालिका चुनाव अमरेली जिले के लिए महत्वपूर्ण है.. यहां की आबादी मुख्य रूप से कृषि और छोटे व्यापार पर निर्भर है.. स्थानीय समस्याएं जैसे बेहतर पानी व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, स्वास्थ्य केंद्र.. और शिक्षा सुविधाएं वोटर्स के मन में हैं..

इस अनोखे घटनाक्रम के कारण वार्ड नंबर 6 में वोटर्स का ध्यान बढ़ गया है.. लोग चर्चा कर रहे हैं कि पति-पत्नी के बीच पार्टी बदलाव का क्या मतलब है.. कुछ कह रहे हैं कि यह परिवार की रणनीति है.. ताकि किसी न किसी रूप में परिवार का प्रतिनिधित्व बना रहे.. पोपटभाई जमोद ने स्पष्ट किया कि वे अब कांग्रेस के साथ हैं.. और उन्होंने भाजपा और AAP को मना कर दिया है.. उनकी पत्नी हंसाबेन कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी.. नामांकन प्रक्रिया चल रही है.. अगर पोपटभाई ने नामांकन दाखिल नहीं किया.. तो AAP का नाम वापस लिया जा सकता है.. लेकिन इस घटना ने पहले ही काफी हलचल मचा दी है..

 

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