राजनीति से प्रेरित झूठ बोले जा रहे: स्टालिन

  • मुख्यमंत्री विजय के किए गए ‘जबड़े के इशारे’ पर डीएमके प्रमुख ने चुप्पी तोड़ी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में कड़े कानून ‘मीसा’ से जुड़ी टिप्पणियों के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा किए गए ‘जबड़े के इशारे’ पर बृहस्पतिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी और आपातकाल के दौरान जेल में अपने साथ हुई गंभीर शारीरिक ज्यादती को याद किया। विजय द्वारा सरकरिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दशकों पुराने भ्रष्टाचार के आरोप उठाए जाने पर स्टालिन ने उनकी आलोचना की और इन आरोपों को ‘‘राजनीति से प्रेरित झूठ’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये आरोप उन लोगों द्वारा फैलाए गए, जो पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के प्रति लंबे समय से नाराजगी रखते थे। मीसा के दौर के अपने इतिहास का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में स्वीकार किया कि मीसा के इतिहास को लेकर विजय की बात सही थी।
उन्होंने आपातकाल के दौरान हुए दमन का जिक्र करते हुए बताया कि 31 जनवरी 1976 को करुणानिधि द्वारा मीसा कानून का विरोध किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। स्टालिन ने जेल में अपने साथ हुए कठोर व्यवहार का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनके सहयोगी चिट्टी बाबू की मौत हो गई और उन्हें खुद भी चोटें आईं। स्टालिन ने वीडियो में कहा, मुझे एहसास है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान हुई कुछ घटनाओं से तमिल लोगों और हमारे भाइयों में गुस्सा और असंतोष पैदा हुआ है।

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