वायुसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी, 114 राफेल खरीद पर जल्द लगेगी मुहर

भारतीय वायुसेना 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने की प्लानिंग कर रहा है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह इस संबंध में डसॉल्ट एविएशन के अधिकारियों से मुलाकात के लिए फ्रांस गए हुए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय वायुसेना 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने की प्लानिंग कर रहा है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह इस संबंध में डसॉल्ट एविएशन के अधिकारियों से मुलाकात के लिए फ्रांस गए हुए हैं. ये सौदा वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करेगा.

भारतीय वायुसेना के लिए 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की प्लानिंग पर तेजी से काम किया जा रहा है. इसी बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह तीन दिवसीय फ्रांस दौरे पर जाने वाले हैं. इस दौरान एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह राफेल विमान बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान संभावित सौदे और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, भारत जल्द ही 114 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए औपचारिक अनुरोध पत्र (Letter of Request) जारी कर सकता है.

ये सौदा भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. मौजूदा समय में भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों के दो स्क्वाड्रन सेवा में हैं, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं. 114 नए लड़ाकू विमानों की खरीद भारतीय वायुसेना की बहुप्रतीक्षित एमआरएफए (मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) परियोजना का हिस्सा है.

भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए ये 4.5 जनरेशन के आधुनिक मल्टीरोल विमान खरीदे जाएंगे. रक्षा सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस खरीद के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) तैयार कर लिया है. उम्मीद है कि इसे कुछ हफ्तों में फ्रांस को भेज दिया जाएगा. LoR एक आधिकारिक डॉक्यूमेंट होता है, जिसके बाद औपचारिक बातचीत और डील की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इस डील की कुल कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है.

90 फाइटर जेट भारत में बनाने की तैयारी

इस डील के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों में से लगभग 90 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. ये विमान मेक-इन-इंडिया के तहत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर बनाए जाएंगे. बाकी 24 विमान फ्रांस से तैयार हालत में भारत आएंगे. इन सभी विमानों में स्वदेशी (भारतीय) पार्ट्स का हिस्सा करीब 50% होने की उम्मीद है. 114 राफेल जेट्स की डील के अलावा, इंडियन नेवी अलग से 26 राफेल मरीन जेट्स भी खरीद रही है.

इस डील के लिए समझौता पिछले साल 28 अप्रैल को साइन किया गया था. IAF पहले से ही सितंबर 2016 के अंतर-सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है.

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