IAS बनने का सपना देख रहा था आलोक, लेकिन दिल्ली हादसे ने छीन ली जिंदगी

दिल्ली के साकेत में पांच मंजिला इमारत गिरने से सीतापुर के होनहार युवक आलोक की मौत हो गई। IIIT इलाहाबाद से बीटेक कर चुके आलोक UPSC की तैयारी कर रहे थे। उनका शव गांव पहुंचते ही चांदपुर में मातम पसर गया और परिवार की उम्मीदें टूट गईं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कुछ सपने सिर्फ एक परिवार के नहीं होते, बल्कि पूरे गांव और समाज की उम्मीद बन जाते हैं। सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र के रहने वाले आलोक का सपना भी ऐसा ही था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर देशसेवा का सपना देख रहा था। लेकिन दिल्ली में हुए दर्दनाक भवन हादसे ने उसकी जिंदगी और परिवार की उम्मीदों को हमेशा के लिए छीन लिया।

दिल्ली के साकेत इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना में सीतापुर के होनहार युवक आलोक की मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी इस असमय हुई मौत से स्तब्ध हैं।

साकेत में इमारत गिरने से हुई दर्दनाक मौत

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के साकेत क्षेत्र में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में कई लोग मलबे में दब गए थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान आलोक का शव बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह भवन के भीतर मौजूद था और अचानक इमारत ढह जाने से मलबे में दब गया। बचाव दल ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

IIT नहीं, IIIT से निकला प्रतिभाशाली छात्र

आलोक ने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान IIIT इलाहाबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान वह अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के लिए जाना जाता था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उसने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया था और दिल्ली में रहकर UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके करीबी बताते हैं कि वह देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखता था।

UPSC की तैयारी कर रहा था आलोक

परिवार के लोगों के अनुसार, आलोक का लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर समाज और देश के विकास में योगदान देना था। वह लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ था। उसकी सफलता को लेकर परिवार और गांव के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन एक अप्रत्याशित हादसे ने इन उम्मीदों को अधूरा छोड़ दिया।

गांव पहुंचा शव, पसरा मातम

दिल्ली से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आलोक का पार्थिव शरीर सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव चांदपुर लाया गया। शव के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक भी पहुंचे। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि गांव का एक होनहार बेटा समय से पहले दुनिया छोड़ गया।

एक हादसा, जिसने कई सपने तोड़ दिए

आलोक की मौत केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि यह उस युवा पीढ़ी के सपनों पर भी चोट है जो कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचने का सपना देखती है। शिक्षा के क्षेत्र में उसकी उपलब्धियां और प्रशासनिक सेवा में जाने की उसकी तैयारी उसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनाती थी। उसकी असामयिक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।

भवन सुरक्षा पर भी उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। फिलहाल आलोक के परिवार के लिए यह समय अपूरणीय क्षति का है। एक युवा, जिसने देशसेवा का सपना देखा था, अब केवल यादों में रह गया है।

रिपोर्ट – वली चौधरी

यह भी पढ़ें: सीतापुर में दर्दनाक सड़क हादसा: बेकाबू दुग्ध वाहन ने दो बहनों को कुचला, एक की मौत, दूसरी की हालत गंभीर

Related Articles

Back to top button