मानसून सत्र में विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी
राम मंदिर चोरी मामला, पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस की उम्मीद

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सदन
कांग्रेस की बैठक 16 को सोनिया गांधी के आवास पर बनेगी रणनीति
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। 20 जुलार्ई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए विपक्ष ने कम कस ली है। कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह 16 जुलाई को सोनिया गांधी के आवास पर बैठक करेगा, ताकि आगामी मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके। ऐसा माना जा रहा विपक्ष इसबार एनडीए सरकार राममंदिर चोरी, पेपरलीक व एसआईआर जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है।
सदन में ज़ोरदार बहस की उम्मीद है। सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों और सत्र के लिए उसकी समग्र संसदीय रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार ने संसद का सत्र शुरू होने से एक दिन पहले, यानी 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का मकसद विधायी एजेंडे पर चर्चा करना और अलग-अलग राजनीतिक दलों से समर्थन हासिल करना है। अधिकारियों के मुताबिक, संसद के हर सत्र से पहले होने वाली यह पारंपरिक बैठक भी सुबह 11 बजे शुरू होगी।
मानसून सत्र, जिसके बारे में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही बता चुके हैं कि यह 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा, में ज़ोरदार बहस होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि विपक्ष कई राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाएगा, जबकि सरकार अपनी विधायी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान देगी।

राष्ट्रपति ने मॉनसून सत्र-26 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की दी मंजूरी
रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मॉनसून सत्र 26 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 2० जुलाई 26 से शुरू होगा और 13 अगस्त 26 तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और फैसले लिए जाएंगे।
130वें संविधान संशोधन बिल को किया जाएगा पास
इस सत्र में महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि सरकार विचार-विमर्श के लिए अहम बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में कुछ विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को देखते हुए, इस दौरान तीखी बहस या टकराव की स्थिति बनने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रस्तावित 13०वें संविधान संशोधन बिल की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंज़ूरी देने और फिर उसे संसद में पेश करने की उम्मीद है। इस बिल को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है, क्योंकि इसमें एक ऐसा प्रावधान है जिसके तहत गंभीर अपराधों के मामलों में लगातार 3० दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय या राज्य मंत्रियों को उनके पद से अपने-आप हटा दिया जाएगा।
जून में खुदरा महंगाई दर बढऩे से आमजन परेशान : जयराम
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की आलोचना की बोले- पूंजीपतियों का संरक्षक बनी सरकार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने महंगाई को लेकर सरकार पर प्रहार किया। कांग्रेस नेता बोलेजून में खुदरा महंगाई दर मई के 3.93 प्रतिशत से बढक़र 4.38 प्रतिशत हो गई, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूंजीपतियों का संरक्षक बताया और सरकार पर आरोप लगाया कि वह यह सुनिश्चित करती है कि मुनाफ़ा पूंजीपतियों को मिले, जबकि आम लोग महंगाई की मार झेलें।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार के 12 सालों का असली सार यही है, झूठे वादों की बौछार और जनता पर महंगाई व बेरोजगारी की क्रूर मार! मोदी सरकार के 12 सालों में महंगाई ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बैंक की ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई, जिससे घर और कार के लिए ज़्यादा श्वरूढ्ढ के कारण मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने सवाल किया कि मुनाफ ा तो पूंजीपतियों की जेब में जाता है, जबकि बोझ आम लोगों पर क्यों पड़ता है? पूंजीपतियों के संरक्षक प्रधानमंत्री मोदी आम लोगों की तकलीफ़ों के बारे में कब बोलेंगे?
चौकीदार ही चोर निकले : दानिश
कांग्रेस नेता दानिश अली ने राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी की जल्द जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट से कराने की मांग की है। उन्होंने मामले को दबाए जाने की आशंका जताई है और मौजूदा जांच की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। अली ने कहा कि देखिए, यह साबित हो चुका है कि जो लोग रखवाले थे, वही चोर निकले। चढ़ावे की चोरी इतनी गंभीर घटना है कि इसकी सज़ा सिफऱ् सुप्रीम कोर्ट ही तय कर सकता है। अली ने कहा कि चोरी की घटना पर कोई विवाद नहीं है, जहां तकजांच की बात है, एक बात तो तय है। कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर रहा है कि चढ़ावे की चोरी हुई है। यहां तक कि बीजेपी, आरएसएस और ट्रस्ट भी इसे मानते हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि जांच कौन करेगा? अली ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या वे लोग जांच करेंगे जो पहरेदार थे और जिनकी निगरानी में चोरी हुई? और क्या वह तथाकथित एसआईटी अपनी रिपोर्ट उन्हीं को सौंपेगी? ऐसा नहीं होने दिया जा सकता।
ई-20 इथेनॉल की समीक्षा करे सरकार: अरविंद केजरीवाल
आप संयोजक ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन गाडिय़ों के लिए ई-2० पेट्रोल के इस्तेमाल पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है, जो इथेनॉल-मिश्रित ईंधन पर चलने के लिए नहीं बनी हैं।
केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा कि पुरानी गाडिय़ों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज कम हुआ है, इंजन जल्दी खराब हो रहा है और 23 से पहले बनी कारों और दोपहिया वाहनों के मालिकों पर ज़्यादा आर्थिक बोझ पड़ा है। आप नेता ने पेट्रोल पंपों से कहा कि वे ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 -ब्लेंडेड फ्यूल में से चुनने का विकल्प दें। उन्होंने ई-20 पेट्रोल की कीमत कम करने की भी मांग की और तर्क दिया कि इस फ्यूल की कैलोरीफिक़ वैल्यू कम होने के कारण माइलेज कम मिलता है। मंगलवार को केजरीवाल ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी सेई-20 फ्यूल की कीमत कम करने की अपील की है; क्योंकि ई-20 से माइलेज कम मिलता है, इसलिए इसकी कीमत भी कम होनी चाहिए… मैंने उनसे मिलने का समय भी मांगा है। उन्होंने ई-20 पेट्रोल की वजह से परेशानी झेल रहे लोगों से कहा कि वे अपनी बात डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म पर रखें। उन्होंने ज़ोर दिया कि सरकार का ध्यान इस ओर खींचने के लिए लोगों की आवाज़ ज़रूरी है।
लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट का जमानत रद्द करने से इनकार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को देवघर चारा घोटाले मामले में बड़ी राहत मिली, क्योंकि कोर्ट ने उनकी ज़मानत रद्द करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और सीबीआई की याचिका पर कोई आदेश देने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट ने हाई कोर्ट से सुनवाई में तेज़ी लाने को कहा है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने मामले की सुनवाई की और हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, लेकिन साथ ही निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ यादव की अपील पर सुनवाई में तेज़ी लाई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत रद्द करने की की अपील को ठुकरा दिया और लालू यादव को ज़मानत देने वाले हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं देना चाहता, खासकर इसलिए क्योंकि तब से सात साल बीत चुके हैं। सीबीआई की अपील 18 की है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को लालू यादव के मामले की सुनवाई में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है। अजऱ्ी पहले दो बार खारिज हो चुकी थी। हालाँकि, बाद में हाई कोर्ट ने इस आधार पर ज़मानत दे दी कि उन्होंने अपनी सज़ा का 5० प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया था-यह आधार तथ्यों के लिहाज़ से गलत था और इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि सज़ाएँ एक साथ नहीं चलनी थीं।
लालू यादव की ओर से पेश होते हुए, सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 427, जो सज़ाओं के एक साथ या एक के बाद एक चलने से संबंधित है, केवल अंतिम फ़ैसले के चरण में लागू होगी, न कि सज़ा को अंतरिम रूप से रोकने पर विचार करते समय।इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने संकेत दिया कि वह ज़मानत के आदेश पर दोबारा विचार करने के बजाय अपीलों पर तेज़ी से सुनवाई करने के पक्ष में है। बेंच ने कहा कि हमें ट्रायल में तेज़ी लानी होगी। अगर हम अपील पर तेज़ी से सुनवाई करें तो आपका क्या कहना है? हो सकता है कि हम चुनौती दिए गए आदेश में दखल न दें।
अमेरिका-ईरान जंग में भारतीय की गई जान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध शुरू हो चुका है। जहां ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित करने और अपने बताए मार्गों से गुजरने के लिए मजबूर करने के लिए उन पर हमला कर रहा है तो वहीं अमेरिका की तरफ से तेहरान की इस कोशिश पर लगाम लगाए जाने की भरसक कोशिश की जा रही है।
हालांकि, ईरान भी अब होर्मुज को पूरी तरह नियंत्रित करने पर अड़ा है। अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने पश्चिम एशिया में न सिर्फ उसके ठिकानों को निशाना बनाया है, बल्कि होर्मुज में जहाजों-टैंकरों पर भी हमले जारी रखे हैं।
अगर हालिया हमलों की बात करें तो सोमवार (13 जुलाई) को संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि ईरान की मिसाइलो ने ओमान के जलक्षेत्र में उसके दो टैंकरों को निशाना बनाया। इस घटना में एक भारतीय क्रूसदस्य की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इनमें चार गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पहले रविवार को भी ईरान की तरफ से साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर हमला किया गया था, जिसमें सवार 11 भारतीयों में से 10 को बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय लापता बताया गया। भारतीय नाविकों वाले इन दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ईरान के राजनयिक को तलब किया और इन घटनाओं को लेकर जवाब मांगा। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह पहला मौका नहीं है, जब भारतीय किसी हमले या उसकी वजह से जनित किसी दुर्घटना का शिकार हुए हैं।
अब तक दोनों देशों के युद्ध में कम से कम 13 ऐसे मौके आए, जब भारतीय नागरिकों की जान पर खतरा पैदा हुआ।
धार भोजशाला : नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाए जगह
धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम अंतरिम आदेश देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया हालांकि अदालत ने मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए निर्देश दिया कि हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक परिसर के नजदीक नमाज के लिए एक उपयुक्त खुली जगह उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को इमारत की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि सभी पक्षों की सुविधा के अनुसार जल्द सुनवाई की जाएगी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले का जल्द निपटारा करने की कोशिश की जाएगीमुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने दलील दी कि हाईकोर्ट के आदेश से पहले की व्यवस्था अचानक बदल दी गई और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का अवसर तक नहीं मिला. उनका कहना था कि उन्हें धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है और हाईकोर्ट को अपने आदेश पर कुछ समय के लिए रोक लगानी चाहिए थी.



