सीतापुर में करंट लगने से प्राइवेट लाइनमैन की मौत, शव रखकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
सीतापुर के मछरेहटा क्षेत्र में करंट लगने से प्राइवेट लाइनमैन की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। परिजनों ने कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट लाइनमैन की करंट लगने से हुई मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शव को गौरिया-मछरेहटा मार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। इस दौरान यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग से जुड़े संविदा और प्राइवेट कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
काम के दौरान करंट की चपेट में आया लाइनमैन
जानकारी के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम ताजपुर बरसन्धिया निवासी आनंद उर्फ नंदी प्राइवेट लाइनमैन के रूप में कार्य करता था। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान वह अचानक बिजली करंट की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। परिजनों का आरोप है कि लाइनमैनों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे सामने आते रहते हैं।
शव रखकर सड़क पर प्रदर्शन
गुरुवार देर शाम करीब सात बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो गए। लोगों ने गौरिया-मछरेहटा मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मदद की मांग उठाई। सड़क जाम होने से कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि जब तक प्रशासन ठोस आश्वासन नहीं देगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। थाना प्रभारी मछरेहटा प्रभात गुप्ता, कोतवाली देहात प्रभारी अमर सिंह और खैराबाद प्रभारी अनिल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को नियंत्रित करने के लिए आसपास के कई थानों की पुलिस भी बुलाई गई। काफी देर तक पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत चलती रही। इस दौरान प्रशासन लगातार लोगों को शांत कराने की कोशिश करता रहा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम
बाद में नायब तहसीलदार अजय कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को उचित कार्रवाई तथा हरसंभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई और मदद का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीण धीरे-धीरे शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। हालांकि गांव में अब भी घटना को लेकर गहरा दुख और नाराजगी बनी हुई है। लोग मांग कर रहे हैं कि बिजली विभाग से जुड़े प्राइवेट और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन जोखिमों की तस्वीर भी है जिनके बीच बिजली लाइन से जुड़े कर्मचारी काम करते हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और निगरानी के अभाव में लाइनमैन अक्सर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर होते हैं। सीतापुर की इस घटना के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और मृतक परिवार को मिलने वाली सहायता पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट – वली चौधरी
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