जंतर-मंतर जाने के बाद प्रोफेसर की नौकरी गई? DM से लगाई न्याय की गुहार

बरेली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित भारद्वाज ने जंतर-मंतर धरने में शामिल होने के बाद बिना नोटिस सेवा समाप्त किए जाने का आरोप लगाया। DM से जांच, सेवा बहाली और बकाया वेतन की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरने में शामिल होने के बाद बहेड़ी स्थित गन्ना उत्पादक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित भारद्वाज की सेवा समाप्त किए जाने का मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है। डॉ. भारद्वाज ने जिलाधिकारी (DM) को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा बहाली और न्याय की मांग की है। उनका आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने नियमों को दरकिनार करते हुए उन्हें बिना नोटिस और बिना जांच के नौकरी से हटा दिया।

बिना नोटिस और जांच के सेवा समाप्त करने का आरोप

डॉ. मोहित भारद्वाज का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने न तो उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया और न ही विभागीय जांच कराई। इतना ही नहीं, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। उनके मुताबिक यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और उच्च शिक्षा विभाग की नियमावली के खिलाफ है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

नियुक्ति से लेकर चरित्र प्रमाणपत्र तक का दिया हवाला

DM को दिए गए प्रार्थना-पत्र में डॉ. भारद्वाज ने बताया कि उनकी नियुक्ति महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बाद 20 जून 2024 को हुई थी, जबकि उन्होंने 11 जुलाई 2024 को कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज ने उन्हें 30 जून 2027 तक वैध पहचान पत्र जारी किया था। इसके अलावा 20 मई 2026 को जारी चरित्र प्रमाणपत्र में उनके कार्य, अनुशासन और आचरण की सराहना भी की गई थी। ऐसे में अचानक सेवा समाप्त करने के फैसले पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

धरने में शामिल होने के बाद कार्रवाई का दावा

डॉ. भारद्वाज का आरोप है कि वह युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरने में शामिल होने गए थे। उनका दावा है कि उन्हें घर पर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह छत के रास्ते निकलकर दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके अनुसार, धरने से लौटने के अगले ही दिन कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें निष्कासन पत्र सौंप दिया, जिससे उन्हें यह कार्रवाई धरने में शामिल होने से जुड़ी प्रतीत होती है।

DM और मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

डॉ. मोहित भारद्वाज ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा बहाल करने, बकाया वेतन का भुगतान कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से भी हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट- सुनील सक्सेना, बरेली

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