पंजाब के सीएम पर नशे में आने का आरोप

विपक्ष ने उठाया सवाल, जांच की मांग की

  • सत्ता तथा विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी
  • विधायकों का तुरंत अल्कोमीटर और डोप परीक्षण कराया जाए : बाजवा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। आज विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह कथित रूप से नशे की हालत में सदन में पहुंचे। इस आरोप ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और सत्ता तथा विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। बहरहाल, विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री की कार्यशैली और व्यक्तिगत आचरण पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तारुढ़ दल इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन आरोपों की कोई औपचारिक जांच होती है या यह मामला केवल राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाता है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री समेत सभी विधायकों का तुरंत अल्कोमीटर और डोप परीक्षण कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बाजवा का कहना है कि यदि इस तरह के आरोप लग रहे हैं तो पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच जरूरी है।

पहली बार नहीं है, सीएम कई बार ऐसा कर चुके हैं : मालीवाल

भारतीय जनता पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने भी इस मामले को और हवा दे दी। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री नशे की हालत में विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत शराब जांच से गुजरना चाहिए और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें पद से हटा देना चाहिए। स्वाति मालीवाल ने अपने बयान में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री पर इस तरह के सवाल उठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पहले भी धार्मिक स्थलों, सरकारी बैठकों और यहां तक कि विदेश यात्राओं के दौरान भी नशे में पाए गए। मालीवाल ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने अपनी माता के सिर पर हाथ रखकर शराब न पीने का वादा किया था, लेकिन अब उस वादे का पालन नहीं हो रहा है।

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