कानपुर में स्वास्थ्य विभाग पर सवाल—CMO मजबूत या व्यवस्था कमजोर?
CMO स्टोर डॉ. आर.पी. मिश्रा का कथित शपथ पत्र वायरल है…

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी में कानपुर के स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों इलाज से ज्यादा चर्चा इलाज कराने वालों की नहीं… बल्कि खरीद-फरोख्त और कुर्सी बचाने की राजनीति की हो रही है।
CMO हरि दत्त नेमी एक बार फिर आरोपों के घेरे में हैं… और इस बार मामला सिर्फ आरोपों का नहीं… बल्कि स्टांप पेपर पर लिखे शपथ पत्र का है। CMO स्टोर डॉ. आर.पी. मिश्रा का कथित शपथ पत्र वायरल है… जिसमें विभागीय खरीद में घोटाले और अनियमितताओं का जिक्र है। अब सवाल ये है कि अगर सब कुछ ठीक है तो ये शपथ पत्र क्यों लिखा गया… और अगर गलत है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही…?
दरअसल कानपुर के स्वास्थ्य महकमें में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी CMO हरि दत्त नेमी पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार मामला और भी गंभीर इसलिए हो गया है क्योंकि ACMO स्टोर डॉ. आर.पी. मिश्रा का एक कथित स्टांप पेपर पर लिखा शपथ पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें CMO पर खरीद-फरोख्त में घोटाले के आरोप लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में तैनात संविदा कर्मियों से विभाग के बाहर के निजी काम कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वायरल हो रहे कथित शपथ पत्र में ACMO स्टोर डॉ. आर.पी. मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग में होने वाली खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
पत्र में आरोप है कि विभागीय खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और घोटाले हो रहे हैं। सामान की खरीद में नियमों की अनदेखी की जा रही है।कुछ खास सप्लायरों को लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है।
हालांकि इस शपथ पत्र की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसके वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। DM स्तर की शिकायत के बाद पहले भी CMO हरि दत्त नेमी को सस्पेंड किया जा चुका है। उस दौरान उनके स्थान पर डॉ. उदयनाथ को CMO बनाया गया था। लेकिन बाद में हरि दत्त नेमी ने हाई कोर्ट से अपने निलंबन पर स्टे हासिल कर लिया, जिसके बाद वे दोबारा CMO की कुर्सी पर काबिज हो गए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि बार-बार आरोप लगने और शिकायतों के बावजूद CMO हरि दत्त नेमी के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। वायरल शपथ पत्र के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर



