पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी में जब्त सामान पर सवाल, इतने जनवरी को CJM कोर्ट में सुनवाई
भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वह फिलहाल देवरिया जेल में बंद हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वह फिलहाल देवरिया जेल में बंद हैं.
धोखाधड़ी के आरोप में देवरिया जिला में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के दौरान जब्त सामानों लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में वाद दाखिल किया गया है जिसपर 23 जनवरी को सुनवाई होगी. अमिताभ ठाकुर के वकील भीमसेन राव ने सीजेएम मंजू कुमारी की अदालत में वाद दाखिल कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बताया कि अदालत ने इस मामले में कोतवाली सदर पुलिस थाना से रिपोर्ट तलब की है और मामले की सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की.
याचिकाकर्ता का अदालत में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी के अनुसार पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 9 और 10 दिसंबर की रात शाहजहांपुर में ट्रेन से गिरफ्तार करने की बात कही गई है. उस समय उनके पास लगभग 42 हजार रुपये नकद, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कपड़े और एक टूथपेस्ट मौजूद था.गिरफ्तारी के बाद यह सभी सामान देवरिया कोतवाली पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया था.
सामान लौटाया गया तो वे पूरे नहीं- आरोप
आरोप है कि बाद में जब सामान लौटाया गया तो वे पूरे नहीं थे. याचिका के मुताबिक पुलिस द्वारा कुल नकदी में से केवल 7,208 रुपये ही वापस किए गए. इसके अलावा, दो मोबाइल फोन में से एक, जो गिरफ्तारी के समय पिन लॉक था, लौटाते समय अनलॉक स्थिति में पाया गया. वहीं, टूथपेस्ट भी वापस नहीं किया गया.
अधिवक्ता ने कहा कि भले ही टूथपेस्ट एक मामूली वस्तु प्रतीत होती हो, लेकिन उसका वापस न किया जाना गंभीर संदेह पैदा करता है. अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने कहा कि यदि इतनी छोटी वस्तु भी सुरक्षित नहीं रखी गई, तो यह आशंका पैदा होती है कि अन्य वस्तुओं के साथ भी छेड़छाड़ हुई हो सकती है.
उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन के अनलॉक मिलने से भी मामला और गंभीर हो गया है. द्विवेदी के मुताबिक उक्त फोन से यूपीआई और अन्य डिजिटल सेवाएं संचालित होती थीं, जिससे निजता और कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का सवाल उठ रहा है. इस प्रकरण पर अबतक पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.



