राहुल गांधी ने RSS को घेरा, बोले-हर व्यक्ति को अपनी राह चुनने की आजादी

राहुल गांधी ने RSS पर भारतीयों पर अपना 'सत्य' थोपने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अद्वितीय है और अपने जीवन पथ को स्वयं परिभाषित करने का अधिकार रखता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राहुल गांधी ने RSS पर भारतीयों पर अपना ‘सत्य’ थोपने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अद्वितीय है और अपने जीवन पथ को स्वयं परिभाषित करने का अधिकार रखता है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरएसएस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने संघ पर भारतीयों पर ‘सत्य का अपना संस्करण’ थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि केवल व्यक्तियों को ही अपने जीवन पथ को परिभाषित करने का अधिकार है.

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘हरा भारत स्वराज: राजीव गांधी के दृष्टिकोण को श्रद्धांजलि’ कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल ने कहा, गांधी जी जो कह रहे थे वह यह था कि प्रत्येक जीवित प्राणी एक अद्वितीय इकाई है, जिसका सत्य के प्रति अपना अलग मार्ग है.

कांग्रेस सांसद ने कहा, मैं आपको नहीं बता सकता कि आपका सच क्या है. यह आरएसएस के साथ मेरी समस्या है. आरएसएस ने फैसला किया है कि वे 1.5 अरब लोगों का सच जानते हैं. मैं कहता हूं, नहीं. केवल 1.5 अरब लोग ही अपना सच जान सकते हैं. अगर मैं यह विश्वास करना शुरू कर दूं कि मैं आपका सच जानता हूं तो मैं पागल हूं क्योंकि मैं आप नहीं हूं.

मैंने वह नहीं सहा है जो आपके पास

उन्होंने कहा, मैंने वह नहीं सहा है जो आपके पास है. मैंने वह नहीं देखा जो तुमने देखा है. मैंने उन परिस्थितियों का सामना नहीं किया है जिनका तुमने सामना किया है. मेरे पास वही पिता, मां, दोस्त या भाई नहीं है तो मैं कैसे कह सकता हूं कि मैं तुम्हारी सच्चाई जानता हूं? आरएसएस के साथ मुझे समस्या है कि आरएसएस ने तय कर लिया है कि वे 150 करोड़ लोगों की सच्चाई जानते हैं.

लोगों के एक समूह ने अचानक यह फैसला किया

राहुल गांधी ने कहा, मैं इससे सहमत नहीं हूं क्योंकि सिर्फ वे 150 करोड़ लोग ही अपनी सच्चाई जानते हैं. लोगों के एक समूह ने अचानक यह फैसला किया है क्योंकि सिस्टम पर उनका अपना कंट्रोल है. वे इस देश में हर किसी की सच्चाई जानते हैं. आप रोजाना छात्रों पर हमला कर रहे हैं क्योंकि आपको लगता है कि आप सच्चाई जानते हैं.

स्वराज हिंदुस्तानी शब्द है और इसमें जिम्मेदारी

उन्होंने कहा, लोग सोचते हैं कि स्वराज का मतलब होता है आजादी लेकिन स्वराज का मतलब होता है स्व का राज. अगर आप 70-80 साल पहले जेल में जाते और गांधी जी से पूछते कि क्या आप आजाद हैं? तो वे कहते कि नहीं मैं आजाद नहीं हूं. मगर मैं स्व पर राज करता हूं. स्वराज हिंदुस्तानी शब्द है और इसमें जिम्मेदारी होती है. गांधी जी चाहते थे कि इस देश का हर व्यक्ति इस (स्वराज) रास्ते पर चले.

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