PhD करने के लिए नहीं चाहिए होगी PG डिग्री, 4 वर्षीय Graduation में 75% अंक अनिवार्य
रांची यूनिवर्सिटी ने डेढ़ दशक बाद पीएचडी के नए नियम किए लागू कर दिए हैं. इस संबंध की अधिसूचना बीते रोज जारी कर दी गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रांची यूनिवर्सिटी ने डेढ़ दशक बाद पीएचडी के नए नियम किए लागू कर दिए हैं. इस संबंध की अधिसूचना बीते रोज जारी कर दी गई है.
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और यूजीसी रेगुलेशन 2022 के प्रावधानों के तहत रांची यूनिवर्सिटी ने पीएचडी एडमिशन नियमों में बदलाव किया है. इसके साथ ही तकरीबन डेढ़ दशक बाद रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी के नए नियम लागू हो गए हैं,
जिसका नोटिफिकेशन बीते रोज जारी कर दिया गया है. नए नियम के तहत 75 फीसदी नंबरों से 4 वर्षीय ग्रेजुएशन पास करने वाले स्टूडेंट्स को रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी में सीधे एडमिशन मिलेगा.
बिना पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री के पीएचडी करने का मौका
रांंची यूनिवर्सिटी के नए नियमों के तहत बिना पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री के अब पीएचडी की जा सकेगाी. हालांकि ये सुविधा सिर्फ 4 वर्षीय ग्रेजुएशन पूरा करने वाले स्टूडेंट्स के लिए ही है.
नए नियमों के तहत 4 वर्षीय ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स अगर 75 फीसदी नंबरों से पास होते हैं, तो वही सीधे पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं. मसलन, पीएचडी करने के लिए ऐसे स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री की बाध्यता नहीं रहेगाी.
बाकी स्टूडेंट्स के लिए क्या है पीएचडी का नियम
वहीं नए नियम के तहत पोस्ट ग्रेजुएशन या एमफिल में 55% नंबर हासिल करने वाले स्टूडेंट्स रांची यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर सकेंगे. आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को पात्रता अंक में 5% की छूट मिलेगी. हालांकि ऐसे कैंडिडेट्स को पीएचडी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होना होगा, जिसकी मेरिट के आधार पर पीएचडी में एडमिशन मिलेगा.
ये बदलाव भी हुए लागू
रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन से जुड़े अन्य नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत नेट-जेआरएफ क्वालिफाइड कैंडिडेट्स को पीएचडी एंट्रेंए एग्जाम से छूट दी गई है. ऐसे कैंडिडेट्स का सिलेक्शन इंटरव्यू से होगा.
वहीं पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स का सिलेक्शन एग्जाम और इंटरव्यू के नंबरों के आधार पर होगा. एग्जाम-इंटरव्यू का वेटेज 70:30 निर्धारित किया गया है. एंट्रेंस एग्जाम में50% सवाल रिसर्च मेथोडोलॉजी और 50% संबंधित विषय से पूछे जाएंगे.वहीं अन्य नियम में हुए बदलाव के तहत पीएचडी में एडमिशन के बाद कैंडिडेट्स को12 क्रेडिट का कोर्स वर्क पूरा करना होगा.
6 साल तक पूरी की जा सकेगी पीएचडी
रांची यूनिवर्सिटी के नए पीएचडी नियमों के तहत अब पीएचडी 6 साल तक पूरी की जा सकेगी. वहीं पीएचडी पूरी करने की न्यूनतम अवधि 36 महीने यानी 3 वर्ष निर्धारित की गई है.
वहीं रि-रजिस्ट्रेशन के प्रावधान के तहत 8 साल तक रिसर्च पूरा करने का अवसर मिल सकता है. महिला रिसर्चर्स 40% से अधिक दिव्यांगता वाले शोधार्थियों को अतिरिक्त दो वर्ष की छूट मिलेगी. महिला रिसर्चर्स को 240 दिन तक मैटरनिटी/चाइल्ड केयर लीव देने का प्रावधान भी किया गया है.



