नारी शक्ति को लेकर राहुल गांधी का दो टूक संदेश, बोले- महिलाओं का अपना अलग वजूद है

राहुल अपने भाषण के दौरान महिलाओं और छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याओं को साझा करने को कह रहे हैं. साथ ही उनसे वार्तालाप भी कर रहे हैं. 

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा की लाख कोशिशों के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकप्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कहीं ज्यादा होती जा रही है।

जो की मोदी एंड कंपनी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। दरअसल राहुल गाँधी जहां-जहां  जनता के बीच जाते हैं वहां-वहां एक अलग ही फ़िज़ा बन जाती है जो नरेंद्र मोदी की Gen -Z को साधने वाली रील की रीच से कहीं ज्यादा है। जी हाँ दोस्तों सही सुना आपने, दरअसल राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम इन दिनों खूब चर्चा में बना हुआ है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दो टूक कहा कि देश की महिलाएं सिर्फ बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं हैं बल्कि उनका अपना एक अलग वजूद है. उन्होंने नारी शक्ति को देश की ताकत बताया और समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी पहचान को लेकर पुरुषों की मानसिकता पर बड़ा हमला बोला.

राहुल अपने भाषण के दौरान महिलाओं और छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याओं को साझा करने को कह रहे हैं. साथ ही उनसे वार्तालाप भी कर रहे हैं.  इसके अलावा राहुल ने टू वे कम्युनिकेशन करते हुए मंच पर एक महिला से पूछा है कि एक आदमी किसी महिला को कंट्रोल क्यों करना चाहिए हैं. क्या आप ये महसूस करती हैं कि एक आदमी पितृसत्ता के तहत आपको कंट्रोल करना चाहते हैं.

  इस पर महिला ने जवाब दिया है कि जब मैं अपने आपको देखती हूं कि तो मैं जानती हूं कि मैं एक इंसान हूं. मुझे गुस्सा आता है. जब मुझे ये सब झेलना पड़ता है कि लोग मुझसे कहते हैं कि तुम तो एक महिला हो. मुझे यह कहा जाता है, तुम तो लड़की हो सुंदर हो, कोई भी शादी कर लेगा. राहुल ने उस सोच पर भी वार किया, जिसमें माइंड पर बात की गई.

राहुल ने कहा कि लड़की को नहीं पढ़ाना, लड़के को पढ़ाना, लड़की को जॉब नहीं करने देना, लड़की बहुत मॉर्डन हो गई है. 60 प्रतिशत घर से अकेली नहीं जा सकी है. अगर जाना होता है, तो किसी के साथ जाना होताहै. 45 प्रतिशत शादी के लिए या हाउसवर्क के लिए ड्रॉपआउट करती हैं. आखिर जो शायद सबसे अमेजिंग आंकड़ा है. इस देश में सिर्फ 8 प्रतिशत महिलाओं के पास इंडिपेंडेंटली ओन्ड प्रॉपर्टी है.

राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में जिन श्लोक का जिक्र किया गया है वह मुख्य रूप से अध्याय 9 में मिलते हैं. मनुस्मृति का श्लोक 9.2 कहता है कि महिलाओं को उनके परिवार के पुरुषों की सुरक्षा या फिर कंट्रोल में रखा जाना चाहिए और इसमें संयम बरतने की जरूरत बताई गई है.

इससे ज्यादा सीधे तौर पर संबंधित श्लोक 9.3 है. इसमें कहा गया है कि महिला बचपन में पिता, जवानी में पति और बुढ़ापे में बेटों की सुरक्षा में रहती है. इसमें यह भी कहा गया है कि उसे स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. इस वजह से पिता-पति-बेटे के क्रम के बारे में राहुल गांधी का जिक्र मनुस्मृति के श्लोक 9.3 में लिखी बात से मेल खाता है.

इसके साथ ही राहुल गांधी ने मंच पर यूपी की भोजपुरी में लोकगीत गायिका नेहा सिंह राठौड़ से बात की है. उन्होंने कहा है कि सरकार से सवाल पूछती हूं कि बदले में ढेर सारे सवाल और FIR झेलना पड़ती है.

जब मैं नई शादी करके आई, तब मैंने उस वक्त गाया था, यूपी में काबा, तब मेरे घर पुलिस पहुंची थी. ससुराल वाले कहते थे, कैसी लड़की ब्याह लाए हो. रोज पुलिस आ रही है. महिलाओं की ट्रोलिंग अलग ढंग से होती है. बस इतना कह दिया जाता है कि इसका चरित्र खराब है. हम यहां पीछे हट जाते हैं.

नेहा राठौर की बात पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें भी वर्षों से गालियां दी जा रही हैं, लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने नेहा की बात को दोहराते हुए कहा, “मैं भी नहीं सुधर रहा हूं.” राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को पसंद नहीं आने वाले मुद्दों पर सवाल उठाने के कारण उन्हें भी लगातार आलोचना और गालियों का सामना करना पड़ा है.

राहुल गांधी ने कार्यक्रम में कुछ आंकड़ों का भी हवाला दिया. उन्होंने दावा किया कि हर साल 4.5 लाख कन्या भ्रूण हत्या के मामले होते हैं. उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत महिलाओं को उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जबकि 29 प्रतिशत महिलाएं शारीरिक हिंसा का अनुभव करती हैं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि सामाजिक बदनामी के डर से यौन हिंसा के 99 प्रतिशत मामले दर्ज नहीं होते और 60 प्रतिशत महिलाएं अकेले घर से बाहर नहीं निकल सकतीं. आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में करीब 15 हजार महिलाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का माहौल रॉक कॉन्सर्ट जैसा था. Gen Z तक कार्यक्रम की पहुंच बनाने के लिए आयोजकों ने गायकों और एक रैपर को भी बुलाया था.

खैर इस कार्यक्रम की सफलता पर एक तरफ जहां विपक्षी खेमे में ख़ुशी की लहर है तो वहीँ दूसरी तरफ भाजपाइयों को मिर्ची सी लगी हुई है।  इसी कड़ी में सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कस दिया है.

बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, “बहन प्रियंका गांधी आपसे ज्यादा समझदार है, उन्हें अपनी गद्दी दे दीजिए.” निशिकांत दुबे ने निशाना साधा, “सिद्धांत और उपदेश अपने घर से नहीं, दूसरों पर लागू होता है. जवाहर लाल नेहरु ने अपने जीते जी कांग्रसे का अध्यक्ष अपनी बहन विजय लक्ष्मी पंडित को नहीं बनाकर इंदिरा गांधी को बनाया.

1946 में सरोजिनी नायडू यानि महिला का विरोध कर नेहरु कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने थे.” बीजेपी सांसद ने कहा, “वहीं 1957 में फिरोज गांधी व इंदिरा गांधी में संसदीय चुनाव लड़ने की लड़ाई हुई तो आपके परिवार ने फिरोज गांधी का साथ दिया,’पर उपदेश कुशल बहुतेरे.” बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के पुणे में आयोजित हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए यह बयान दिया है.

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