MT जलवीर हमले के बाद राहत, 20 भारतीय क्रू सुरक्षित भारत लौट रहे
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों पर हुए हमलों से भारत ने चिंता जाहिर की है. MT जलवीर पर हमले के बाद 20 भारतीय क्रू सदस्य मस्कट से सुरक्षित स्वदेश भेज दिया गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों पर हुए हमलों से भारत ने चिंता जाहिर की है. MT जलवीर पर हमले के बाद 20 भारतीय क्रू सदस्य मस्कट से सुरक्षित स्वदेश भेज दिया गया है. ओमान में भारत के राजदूत ने भारतीय क्रू से मुलाकात की और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं.
होर्मुज स्ट्रेट में MT जलवीर पर 11 जून को हमला हुआ था. इस हमले के बाद अब जहाज पर मौजूद 20 भारतीय क्रू सदस्यों को मस्कट से भारत वापस लाया जा रहा है. ओमान में भारत के राजदूत ने सोशल मीडिया एक्स पर क्रू सदस्यों की वापसी से पहले उनसे हुई बातचीत की तस्वीरें शेयर कीं. उन्होंने कहा, “11 जून 2026 को जहाज के साथ हुई घटना के बाद ओमान के अधिकारियों के साथ बातचीत की. फिर, क्रू सदस्यों को सुरक्षित रूप से किनारे पर लाया गया. भारतीय दूतावास मुश्किल में फंसे भारतीय नागरिकों को तुरंत मदद और सहयोग देने और उनकी सुरक्षित घर वापसी की जिम्मेदारी लेता है.”
पलाऊ झंडे वाले टैंकर MT सेटेबेल्लो पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविक लापता हो गए थे. इनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस घटना के एक दिन बाद भारत की तरफ से आधिकारिक तौर पर नाराजगी जताई. नई दिल्ली ने ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई. भारत ने आम नागरिक जहाजों पर हमला करने का सख्त विरोध किया. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, आम नागरिकों के जहाजों पर जानलेवा हमले बिल्कुल स्वीकार नहीं हैं. ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं.
3 भारतीय नाविकों की हुई थी मौत
यह बढ़ता हुआ राजनयिक विवाद होर्मुज स्ट्रेट के क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच उस समय बढ़े तनाव की वजह से हुआ है. दोनों के बीच तनाव बढ़ने से कमर्शियल जहाजों पर कई हमले हुए. इनमें सबसे गंभीर घटना MT सेटेबेलो नामक टैंकर की है. ये टैंकर 24 भारतीय नाविकों को ले जा रहा था. पिछले हफ्ते ओमान के तट के पास अमेरिकी हमले में यह टैंकर टकरा गया.
भारतीय और ओमानी अधिकारियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया, जिसमें 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया. लेकिन, बाद में 3 नाविकों की मौत हो गई. इस घटना के तुरंत बाद नई दिल्ली ने बुधवार को अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और कहा कि ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए.



