बांदा में सडक़ बनी जंग का मैदान

मौरंग चेकिंग के दौरान टकराव ड्राइवर ने मारपीट का लगाया आरोप एसडीएम बोले दलालों ने दी जान से मारने की धमकी

एसडीएम बनाम ट्रक सिंडिकेट, पिटाई और धमकी के आरोपों से मचा बवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा में मौरंग खनन और परिवहन को लेकर उस समय हालात बेकाबू होते नजर आए जब सडक़ पर ही प्रशासन और ट्रक सिंडिकेट आमने सामने आ गए। चेकिंग के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तीखी झड़प में बदल गया जिसमें एक तरफ उपजिलाधिकारी अमित शुक्ला और उनकी टीम थी तो दूसरी तरफ ट्रक ड्राइवर और कथित सिंडिकेट से जुड़े लोग।
पूरा मामला गिरवा थाना क्षेत्र के बड़ोखर इलाके का है जहां नरैनी के एसडीएम अमित शुक्ला अपनी टीम के साथ मौरंग से भरे ट्रकों की नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मध्य प्रदेश के रामपुर खदान से आ रहे एक ट्रक को रुकने का इशारा किया गया लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने ट्रक रोकने के बजाय स्पीड बढ़ाकर निकलने की कोशिश की। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। एसडीएम ने अपनी गाड़ी से ट्रक का पीछा कर उसे रुकवाया लेकिन कुछ ही देर में वहां ट्रक संचालन से जुड़े दर्जनों लोग पहुंच गए और मौके पर जमकर हंगामा शुरू हो गया।
दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। इस पूरे घटनाक्रम में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ट्रक ड्राइवर कुलदीप तिवारी का कहना है कि उसने भीड़भाड़ के चलते तुरंत ट्रक नहीं रोका और कुछ दूरी पर गाड़ी खड़ी कर दी थी। लेकिन इसके बाद उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर पीटा गया। उसका दावा है कि उसके पास सभी वैध कागजात मौजूद थे फिर भी उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।

एसडीएम अमित शुक्ला से हुई बदसलूकी

वहीं दूसरी ओर एसडीएम अमित शुक्ला का आरोप है कि ट्रक ड्राइवर और उसके समर्थन में आए लोगों ने सरकारी टीम के साथ बदसलूकी की, गाली-गलौज की और यहां तक कि उनके ड्राइवर, अर्दली और होमगार्ड को जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ की जा रही थी जिसे कुछ लोग बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। विवाद बढ़ता देख पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। ट्रक और उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है जबकि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि मौरंग परिवहन को लेकर प्रशासन और कथित सिंडिकेट के बीच यह पहला टकराव नहीं है। इससे पहले भी चेकिंग को लेकर एसडीएम अमित शुक्ला का विवाद जनप्रतिनिधियों तक से हो चुका है। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मौरंग खनन और परिवहन के इस खेल में असली ताकत किसके पास है। प्रशासन या सिंडिकेट? और क्या सडक़ पर इस तरह की टकराहट ही अब कानून-व्यवस्था की नई तस्वीर बनती जा रही है?

सीबीआई की ने अनिल अंबानी से पूछताछ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के बड़े कारोबारी अनिल अंबानी आज फिर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सीबीआईने उन्हें करीब 2929 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। यह पूरा मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर बीते साल अगस्त में दर्ज हुआ था, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस रू पर लोन के पैसे में गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं।
सीबीआई का कहना है कि कंपनी को दिए गए लोन के पैसों का सही इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि उसमें फंड डायवर्जन, गड़बड़ी और गलत तरीके से पैसे इस्तेमाल करने जैसी बातें सामने आई हैं। इसी सिलसिले में अनिल अंबानी आज दिल्ली स्थित सीबीआई हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है, एजेंसी ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी के खिलाफ पहले भी कई एफआईआर दर्ज की हैं। वहीं अनिल अंबानी के प्रवक्ता का कहना है कि वो 19 और 20 मार्च 2026 को सीबीआईके सामने पेश हो रहे हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे उनका कहना है कि अनिल अंबानी सभी एजेंसियों के साथ मिलकर इस मामले को साफ करने के लिए तैयार हैं।

प्रदेश सरकार के 8 साल को डा. राजेश्वर सिंह ने बताए अभूतपूर्व

सरोजनीनगर विधायक ने प्रमुख उपलब्धियों को गिनाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद हुए बदलाव को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में लखनऊ के सरोजनी नगर से विधायक डा. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की दस प्रमुख उपलब्धियों को गिनाते हुए इसे संरचनात्मक परिवर्तन बताया है। उनका दावा है कि पिछले वर्षों में इन्फ्र ास्ट्रक्चर समेत दूसरे सभी सेक्टर में प्रदेश सरकार द्वारा बढय़िा काम किया गया है।
डा. राजेश्वर सिंह के मुताबिक कानून-व्यवस्था में सुधार सरकार की बड़ी उपलब्धि रही है। माफिया पर कार्रवाई संपत्तियों की जब्ती और डायल 112 जैसी व्यवस्थाओं को इसका आधार बताया गया है। वहीं, सरकार का दावा है कि एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट परियोजनाओं ने प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी दी है। वर्तमान में कई एक्सप्रेसवे चालू हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं, जिससे निवेश आकर्षित करने की कोशिश हो रही है। विधायक डा. राजेश्वर सिंह का दावा है कि आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश की जीएसडीपी बढक़र 24 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुकी है। सरकार इसे एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम मान रही है। निवेश प्रस्तावों की बड़ी संख्या और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को रोजगार सृजन का आधार बताया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इन निवेश प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल उठाता रहा है। उनके द्वारा विनिर्माण क्षेत्र में नोएडा को मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का दावा किया गया है, जिससे निर्यात बढऩे की बात कही जा रही है। वहीं कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों को लाभ पहुंचाने के आंकड़े भी पेश किए गए हैं। जनकल्याण योजनाओं के तहत आवास, बिजली और गैस कनेक्शन देने के आंकड़े सरकार की उपलब्धियों में शामिल हैं। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के दावे भी किए गए हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की बात कही गई है।
सरोजनी नगर विधायक डा राजेश्वर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि रोजगार को लेकर सरकार ने लाखों सरकारी नौकरियों और निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवसर सृजित करने काम किया है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद हुए बदलाव को लेकर सरकार जहां इसे विकास माडल के रूप में पेश कर रही है वहीं विपक्ष और सामाजिक संगठनों के बीच इसके असर और वास्तविकता पर बहस लगातार जारी है।

दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह के मिली बेल जल्द जेल से होंगे रिहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। मोकामा के विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें चर्चित दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी गई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए यह निर्णय सुनाया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संभावना जताई जा रही है कि अनंत सिंह शुक्रवार या शनिवार तक जेल से रिहा हो सकते हैं।
जमानत की खबर फैलते ही मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों ने जश्न मनाते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही अनंत सिंह पर भरोसा था और अदालत के फैसले ने उनके विश्वास को और मजबूत किया है। गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्या मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इस केस में अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई थी। अब जमानत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

यूपी पुलिस को लगा सुप्रीम झटका

सांप के जहर मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव को राहत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत देते हुए 2023 के चर्चित स्नेक वेनम मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। दरअसल, नवंबर 2023 में उत्तर प्रदेश के नोएडा में कथित रेव पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल के आरोपों के बाद एल्विश यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
बाद में 17 मार्च 2024 को उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। आरोप था कि पार्टियों में सांपों और उनके जहर का इस्तेमाल मनोरंजन और नशे के लिए किया जा रहा था, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 2(23) के तहत जिस कथित साइकोट्रॉपिक पदार्थ की बात कही गई, वह कानून की निर्धारित सूची में शामिल ही नहीं है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि एल्विश यादव के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई थी और चार्जशीट में केवल यह आरोप था कि उन्होंने एक सहयोगी के जरिए ऑर्डर दिया था। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने माना कि एनडीपीएस एक्ट का इस्तेमाल इस मामले में कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। दूसरे अहम पहलू पर, कोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 55 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत अभियोजन केवल अधिकृत अधिकारी की शिकायत के आधार पर ही शुरू किया जा सकता है।
पीठ ने कहा कि मौजूदा स्नढ्ढक्र इस प्रक्रिया का पालन नहीं करती, इसलिए यह विधिसम्मत नहीं मानी जा सकती। महत्वपूर्ण रूप से, अदालत ने सक्षम प्राधिकरण को यह स्वतंत्रता भी दी कि वह कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, विशेष रूप से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 55 के तहत, नई शिकायत दाखिल कर कार्रवाई शुरू कर सकता है।

केंद्र सरकार ने किसानों के साथ वादा खिलाफी की: राजा वडिंग़

एमएसपी को लेकर कांग्रेस व सपा ने भी घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में कृषि अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एमएसपी पर कांग्रेस को घेरा। हालांकि उसके बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया। उधर सपा ने भी अमेरिका भारत डील पर चर्चा करवाने की मांग की। कांग्रेस ने को केंद्र सरकार पर किसानों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करनी चाहिए।
पार्टी के लोकसभा सदस्य अमरिंदर राजा वडिंग ने सदन में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के बाद उम्मीद थी कि सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पूरी करेगी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से संबंधित विधेयकों पर विचार कर रही संसद की संयुक्त समिति का कार्यकाल को मानसून सत्र तक बढ़ा दिया गया।

संचार मंत्री सिंधिया के उपस्थित नहीं रहने पर लोस अध्यक्ष नाराज

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण डाक सेवकों से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के दौरान संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के उपस्थित नहीं रहने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई।

मुख्य विपक्षी दल के ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और : शिवराज यादव

लोकसभा ने वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों को स्वीकृति प्रदान की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के हमले को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि इस विषय पर मुख्य विपक्षी दल के ‘‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’’ हैं। उन्होंने सदन में वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नीत (पूर्ववर्ती) सरकार ने लागत पर 50 प्रतिशत के फार्मूले के आधार पर एमएसपी देने से इनकार कर दिया था, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने किसानों को यह दिया है।

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