UAE में पासपोर्ट सेवाओं के नियम बदले, रिन्यूअल फीस 60% बढ़ी, अब करना होगा नकद
UAE में पासपोर्ट सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है... पासपोर्ट रिन्यूअल की फीस में करीब 60% की बढ़ोतरी की गई है... साथ ही, भुगतान...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू हुआ है.. 1 जुलाई 2026 से भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने पासपोर्ट, वीज़ा, अटेस्टेशन.. और अन्य कांसुलर सेवाओं की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है.. इससे पहले ये सेवाएं BLS International और SGIVS Global जैसी आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जाती थीं.. अब इन कंपनियों के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया गया है.. और फिलहाल सभी सेवाएं सीधे भारतीय मिशन के नियंत्रण में संचालित की जा रही हैं..
इस फैसले के बाद UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच कई सवाल और आशंकाएं पैदा हो गई हैं.. सबसे अधिक चिंता पासपोर्ट रिन्यूअल, अपॉइंटमेंट प्रक्रिया और नई फीस को लेकर है.. यदि आप भी UAE में रहते हैं या आपका कोई परिवार का सदस्य वहां रहता है.. तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है..
UAE दुनिया में भारतीय प्रवासियों की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक है.. यहां लगभग 38 लाख से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं.. इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, व्यापारी, आईटी प्रोफेशनल, छोटे व्यवसायी और बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हैं.. इन सभी के लिए पासपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है.. बिना वैध पासपोर्ट के न केवल नौकरी प्रभावित हो सकती है.. बल्कि वीज़ा, बैंकिंग, यात्रा और कानूनी प्रक्रियाओं में भी गंभीर समस्याएं आ सकती हैं.. इसलिए इस नई व्यवस्था को समझना हर भारतीय के लिए आवश्यक है..
वहीं सबसे बड़ा बदलाव पासपोर्ट रिन्यूअल शुल्क में किया गया है.. पहले सामान्य पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए लगभग 285 दिरहम शुल्क लिया जाता था.. अब यह बढ़कर लगभग 450 दिरहम हो गया है.. यानी फीस में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.. इस बढ़ोतरी ने खासकर कम आय वाले कर्मचारियों और मजदूर वर्ग की चिंता बढ़ा दी है.. कई प्रवासियों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन के खर्च के बीच यह अतिरिक्त बोझ उनके बजट पर असर डालेगा..
फीस भुगतान के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है.. अब भुगतान केवल नकद के माध्यम से स्वीकार किया जा रहा है.. फिलहाल डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांसफर या अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध नहीं हैं.. यह व्यवस्था कई लोगों के लिए असुविधाजनक साबित हो रही है.. क्योंकि अधिकांश लोग आज के समय में डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मानते हैं.. बड़ी राशि नकद लेकर जाना सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है..
नई व्यवस्था के तहत भारतीय मिशन ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है.. अब पासपोर्ट, वीज़ा और अन्य सेवाओं के लिए अपॉइंटमेंट केवल इसी पोर्टल के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं.. पहले लोग आउटसोर्स एजेंसियों की वेबसाइट का उपयोग करते थे.. लेकिन अब पूरी प्रक्रिया सीधे भारतीय दूतावास के नियंत्रण में आ गई है..
पोर्टल पर अपॉइंटमेंट बुक करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल रखी गई है.. सबसे पहले उपयोगकर्ता को अपना नाम, ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करना होगा.. इसके बाद ईमेल वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद लॉगिन करना होगा.. फिर अपना अमीरात जैसे अबू धाबी या दुबई—चुनना होगा.. इसके बाद उपलब्ध स्लॉट देखकर सुविधानुसार अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है.. दूतावास के अनुसार प्रत्येक कार्यदिवस के लिए नए स्लॉट प्रतिदिन रात 8 बजे जारी किए जाते हैं.. इसलिए समय पर लॉगिन करना जरूरी है.. क्योंकि कई बार स्लॉट कुछ ही मिनटों में भर जाते हैं..
नई व्यवस्था का एक और महत्वपूर्ण पहलू वॉक-इन सुविधा से जुड़ा है.. पहले कई लोग बिना अपॉइंटमेंट के सीधे सेवा केंद्र पहुंचकर अपना काम करवा लेते थे.. अब इस सुविधा को लगभग समाप्त कर दिया गया है.. दुबई में 12 जुलाई 2026 से सामान्य वॉक-इन सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है.. वहीं अबू धाबी में केवल सुबह 9 बजे से 11 बजे तक सीमित वॉक-इन सुविधा उपलब्ध है.. वह भी केवल नवजात शिशुओं के पासपोर्ट और वास्तविक आपातकालीन मामलों के लिए..
आपातकालीन मामलों में वे परिस्थितियां शामिल हैं.. जब किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो गया हो.. चोरी हो गया हो या किसी अत्यंत आवश्यक यात्रा की आवश्यकता हो.. सामान्य पासपोर्ट रिन्यूअल, नाम परिवर्तन या अन्य नियमित सेवाओं के लिए बिना अपॉइंटमेंट प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.. इसका अर्थ है कि अब लोगों को पहले से योजना बनाकर समय रहते अपॉइंटमेंट लेना होगा..
दरअसल, भारतीय मिशन ने पहले Alhind Tours and Travels LLC को नई आउटसोर्स सेवा प्रदाता कंपनी के रूप में चुना था.. लेकिन कानूनी विवाद और निविदा प्रक्रिया से जुड़े मामलों के कारण इस कंपनी का कार्य फिलहाल रोक दिया गया.. इसके बाद भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने स्वयं सेवाएं संचालित करने का निर्णय लिया.. अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है.. और भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव किए जा सकते हैं..



