संभल के शहर इमाम पर लगा 7 करोड़ का जुर्माना, सरकारी जमीन पर मस्जिद-दरगाह और मकान बनाने का आरोप

संभल। हिंसा की आग में झुलस चुके संभल में सरकारी जमीन पर अवैध मस्जिद, दरगाह बनाने का एक और मामला सामने आया है। शहर से सटे गांव सैफ खां सराय में शहर इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी व उनके भाई मेहताब हुसैन ने पौधारोपण के लिए छोड़ी गई ग्राम समाज की 1,340 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर मस्जिद, दरगाह व मकान बना लिया।
तहसीलदार न्यायालय ने 61 वर्ष पहले किए अवैध निर्माण से बेदखली के आदेश दिए हैं। साथ ही दोनों भाइयों पर 6.94 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि अवैध कब्जा खुद न हटाने पर प्रशासन बेदखली की कार्रवाई करेगा। मौलाना वारसी जामा मस्जिद में इमाम हैं।
आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से दूसरी मस्जिद का निर्माण किया है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय में 24 जून, 2025 को लेखपाल ने रिपोर्ट दायर की। इसमें बताया गया कि गांव में ग्राम पंचायत का गाटा संख्या 452 राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के पौधारोपण के नाम दर्ज है, जबकि हकीकत में यहां शहर इमाम व उनके भाई का आवास, दरगाह व मस्जिद अवैध रूप से बनी हुई है।
यह अवैध निर्माण 1965 से बताया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय में वाद दायर कर नोटिस जारी किया। शहर इमाम ने 18 जुलाई को आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे वक्फ संपत्ति बताया। हालांकि, न्यायालय में सुनवाई के दौरान वह स्वामित्व को लेकर ठोस साक्ष्य नहीं दिखा सके।
इस पर तहसीलदार ने शहर इमाम व उनके भाई को बेदखली का नोटिस जारी किया। इससे पहले सलेमपुर सालार में मदीना मस्जिद, राया बुजुर्ग में गौसुल बर्रा मस्जिद और नरौली में अवैध मदरसा ध्वस्त किया गया। सैफ खां सराय में दरगाह-मस्जिद और हातिम सराय में तालाब पर बनी मस्जिद पर नोटिस दिया जा चुका है।
कसेरवा में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध मस्जिद मिली। इस तरह अब तक लगभग 17 मस्जिदें, 12 मजारें और दो मदरसे अतिक्रमण मुक्त किए जा चुके हैं।



