अमेरिकी नागरिक को राहत मिलने पर सिंघवी का सरकार पर हमला, बोले- आरोप अचानक खत्म कैसे?

राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस पूरे मामले की सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: NIA ने चार्जशीट में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक पर UAPA नहीं लगाया गया, जबकि पहले आतंकी आरोपों में गिरफ्तारी हुई थी. कांग्रेस ने इसे लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने मंगलवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक के खिलाफ दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

मगर इसमें मैथ्यू वैन डाइक पर आतंकवाद विरोधी कानून UAPA नहीं लगाया गया है जबकि गिरफ्तारी के समय इस पर आतंकवाद जैसे तमाम गंभीर आरोप लगाए गए थे. कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, अगर ये खबरें सच हैं कि अमेरिका के नागरिक मैथ्यू वैन डाइक पर लगे आतंकी आरोपों को अमेरिका और भारत के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद हटा लिया गया है, तो मोदी सरकार को भारत को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी तरीके से घुसने, हथियारबंद समूहों से संबंध रखने और ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग लेने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, तो वे गंभीर आरोप अचानक कैसे खत्म हो गए? वैन डाइक को इसी साल मार्च में कोलकाता एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था, जबकि यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से पकड़ा गया था.

गिरफ्तारी के करीब 6 महीने बाद चार्जशीट

गिरफ्तारी के करीब 6 महीने बाद यह चार्जशीट दाखिल की गई है.  वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर म्यांमार के विद्रोही समूहों को सैन्य और ड्रोन प्रशिक्षण देने की साजिश का आरोप है. एनआईए ने पहले इन लोगों के खिलाफ UAPA की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया था. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस पूरे मामले की सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है.

कौन है मैथ्यू वैन डाइक?

मैथ्यू एरन वैन डाइक एक अमेरिकी नागरिक है. डाइक को अमेरिका के डीप स्टेट का हिस्सा माना जाता है. मैथ्यू सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल नाम की संस्था का संस्थापक है. यह एक नॉन-प्रॉफिट सिक्योरिटी फर्म है, जो तानाशाही सरकारों के खिलाफ लड़ने वाले ग्रुप्स को ट्रेनिंग देती है. वैन डाइक पहले लीबिया और सीरिया जैसे खतरनाक युद्ध क्षेत्रों में भी काम कर चुका है.

वैन डाइक पर क्या है आरोप?

वैन डाइक पर आरोप है कि वह भारत वीजा पर आया था. लेकिन बिना किसी अनुमति के वह अपने कुछ और यूक्रेनी साथियों के साथ मिजोरम जैसे संवेदनशील इलाकों में घुस गया. फिर अवैध रूप से म्यांमार की सीमा को पार कर गया. जांच में पता चला कि इस ग्रुप ने म्यांमार के जातीय विद्रोही संगठनों और भारत के कुछ विद्रोही ग्रुप्स से जुड़े नेटवर्क से संपर्क किया.

NIA का आरोप है कि ये लोग यूरोप से भारत के रास्ते भारी संख्या में ड्रोन लाए थे और म्यांमार में उन विद्रोही ग्रुप्स को सैन्य ट्रेनिंग और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दे रहे थे.

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