Sitapur: छात्र से मारपीट के आरोप पर परिजनों का हंगामा, कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी को किया निष्कासित
घटना के बाद नाराज परिजनों ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर हंगामा किया और जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सीमा से सटे सिंघानिया एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद एक छात्र द्वारा विषाक्त पदार्थ का सेवन करने का मामला सामने आया है।
पीड़ित छात्र के परिजनों ने सहपाठियों पर उसके साथ मारपीट करने और उसकी पगड़ी खींचने का आरोप लगाया है। घटना के बाद छात्र की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। देर शाम हालत गंभीर होने पर छात्र को लखनऊ ले जाने की बात सामने आई है।
घटना के बाद नाराज परिजनों ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर हंगामा किया और जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत कराया गया। कॉलेज प्रबंधन ने मामले में आरोपी बताए जा रहे कक्षा 12 के छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निष्कासित किए जाने की जानकारी दी है। प्रबंधन ने घटना पर खेद भी जताया है।
छात्र के साथ मारपीट और पगड़ी खींचने का आरोप
पिसावां थाना क्षेत्र के नादन गांव निवासी कुलजीत सिंह के अनुसार उनका 18 वर्षीय पुत्र गुरसेवक सिंह सिंघानिया एजूकेशनल इंस्टीट्यूट में कक्षा 12 का छात्र है। परिजनों का आरोप है कि 8 सितंबर को गुरसेवक विद्यालय आया था। विद्यालय परिसर में उसका कुछ सहपाठियों के साथ विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद छात्र और उसके साथियों ने गुरसेवक के साथ बाहर जाकर मारपीट की और उसकी पगड़ी भी खींच दी। परिजनों के मुताबिक घटना के बाद गुरसेवक मानसिक रूप से काफी आहत था। परिवार ने अगले दिन विद्यालय प्रबंधन से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़ित छात्र के परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि घटना के बाद छात्र काफी परेशान था। इसी बीच शनिवार को गुरसेवक ने कथित तौर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। देर शाम हालत में सुधार नहीं होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ ले जाने की बात सामने आई।
छात्र के विषाक्त सेवन के बाद विद्यालय पहुंचे परिजन
गुरसेवक के विषाक्त सेवन की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए और विद्यालय पहुंच गए। परिजनों ने विद्यालय परिसर में धरना देते हुए हंगामा किया। परिजन आरोपित छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के विद्यालय पहुंचने के बाद परिजनों और प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को किया निष्कासित
मामले को लेकर कॉलेज प्रबंधन की ओर से आशीष सिंघानिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छात्रों के बीच हुआ विवाद विद्यालय के बाहर हुआ था। प्रबंधन के अनुसार घटना की जानकारी मिलने के बाद आरोपी बताए जा रहे छात्र के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उसे विद्यालय से निष्कासित (रेस्टिगेट) कर दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से घटना पर खेद भी जताया गया है। प्रबंधन का कहना है कि छात्रों के बीच हुए विवाद को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के सामने भी पहुंचा मामला
परिजनों ने बताया कि मामले को लेकर कांशीराम कॉलोनी चौकी पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है। शिकायत में छात्र के साथ मारपीट और पगड़ी खींचे जाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब शिकायत और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था और इसमें कितने छात्र शामिल थे। पुलिस की जांच में विद्यालय परिसर और बाहर हुई घटना के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित छात्रों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
परिवार ने कार्रवाई की मांग की
पीड़ित छात्र के परिजनों का कहना है कि उनका बेटा घटना के बाद से मानसिक रूप से परेशान था। परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे छात्र की परेशानी बढ़ती गई। परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निष्कासित किया जा चुका है।
छात्र की हालत गंभीर, लखनऊ ले जाने की बात
विषाक्त सेवन के बाद गुरसेवक की हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने की बात सामने आई है। फिलहाल छात्र की चिकित्सकीय स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। मामले में पुलिस और विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना ने उठाए स्कूलों में छात्र सुरक्षा पर सवाल
यह मामला सामने आने के बाद विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा और आपसी विवादों को समय रहते नियंत्रित करने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों के बीच होने वाले विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो उनका असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और प्रशासन के बीच तत्काल समन्वय जरूरी माना जाता है। फिलहाल सीतापुर के इस मामले में पुलिस जांच और छात्र के उपचार पर सभी की नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी।



