अंतिम संस्कार में पहुंचे सपा नेता के साथ हुआ ‘चप्पल कांड’, FIR के बाद मचा सियासी बवाल

बांदा में सपा नेता और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मोहन साहू से जुड़े कथित 'चप्पल कांड' मामले में FIR दर्ज की गई है। शिकायत में सार्वजनिक अपमान और वीडियो वायरल कर छवि खराब करने की साजिश का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच में जुटी है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: बांदा की राजनीति में इन दिनों एक कथित “चप्पल कांड” को लेकर हलचल तेज है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन साहू से जुड़ी एक घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। मामला सामने आने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और आरोप-प्रत्यारोपों ने पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग दे दिया है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि पुलिस तथ्यों के आधार पर जांच में जुटी हुई है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 जून को मोहन साहू एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुक्तिधाम क्षेत्र पहुंचे थे। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर ऐसी घटना हुई, जिसे लेकर अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक महिला ने सार्वजनिक रूप से उनके ऊपर चप्पल फेंकी। साथ ही आरोप यह भी है कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

नगर कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 351(3) और 356(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच प्रारंभ कर दी गई है। हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

मोहन साहू ने क्या कहा?

अपनी तहरीर में मोहन साहू ने घटना को अपनी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया है। उन्होंने कुछ व्यक्तियों पर पूरे घटनाक्रम को उकसाने और वीडियो वायरल कराने का आरोप भी लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेता से जुड़ा मामला होने के कारण इस घटना ने तेजी से राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की परिस्थितियों और उसके संदर्भ को लेकर अभी आधिकारिक जांच जारी है। ऐसे में केवल सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो, मोबाइल फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सभी तथ्यों को परखा जाएगा और उसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों का पक्ष सुना जाएगा।

बांदा की राजनीति में बढ़ी हलचल

घटना के बाद बांदा की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने मामले को और अधिक चर्चित बना दिया है। फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है, क्योंकि जांच के निष्कर्ष ही यह स्पष्ट करेंगे कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

रिपोर्ट – इक़बाल खान

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