कानपुर-लखनऊ हाईवे पर तस्करों की घेराबंदी, करोड़ों के नशे के साथ गिरफ्तारी

उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र में पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई कर 1300 ग्राम अवैध OG/AG THC के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कार, मोबाइल और नकदी भी बरामद हुई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से करीब 1300 ग्राम अवैध OG/AG यानी ओसियन ग्रीन THC बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सोहरामऊ थाना क्षेत्र में रसूलपुर मोड़ के पास की गई, जहां घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। मामले के सामने आने के बाद हाईवे के जरिए चल रहे ड्रग नेटवर्क को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।

वैक्यूम सील पैकेट में छिपाकर ले जा रहे थे नशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन वैक्यूम सील पैकेट बरामद हुए, जिनमें करीब 1300 ग्राम अवैध ओसियन ग्रीन THC रखा गया था। इसके अलावा दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक आईफोन, नकदी और एक ग्रैंड विटारा कार भी बरामद की गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हाईवे के जरिए मादक पदार्थ की सप्लाई करने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच में जुटी हुई है।

गोरखपुर और झारखंड के रहने वाले हैं आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोरखपुर निवासी शंशाक त्रिपाठी और झारखंड निवासी इमरान खान के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

सोहरामऊ थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को और विस्तार दिया जा रहा है।

हाईवे पर बढ़ती तस्करी बनी चुनौती

कानपुर-लखनऊ हाईवे लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। नशे के बढ़ते कारोबार के बीच इस तरह की कार्रवाई कानून व्यवस्था और युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

रिपोर्ट – रंजन बाजपाई

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