योगी पुलिस का सख्त एक्शन, बजरंग दल लीडर को किया गया जिला बदर

 यूपी से लेकर देश के अन्य राज्यों में बजरंग दल के लोग किस तरह की उत्पात मचाते हैं ये बात किसी से छुपी नहीं है। आये दिन कोई न कोई इसका शिकार ही होता है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी से लेकर देश के अन्य राज्यों में बजरंग दल के लोग किस तरह की उत्पात मचाते हैं ये बात किसी से छुपी नहीं है। आये दिन कोई न कोई इसका शिकार ही होता है।

अब इन्हे सह कौन देता है ये हर कोई बखूबी जानता ही है। खैर इसी कड़ी में बात करें यूपी की तो अभी यूपी पुलिस ने बजरंग दल के एक नेता को जिला बदर किया है। बरेली जिले से ये मामला सामने आया है जिसने काफी चर्चा बटोरी। यहां एक युवक ऋषभ ठाकुर पर पुलिस ने गुंडा एक्ट लगाया है। इस एक्ट के तहत पुलिस ने उसे 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। इसका मतलब है कि अगले छह महीनों तक वो बरेली जिले में कहीं भी नहीं दिख सकता। अगर वो बरेली में पाया गया तो उसके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज हो जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी। वहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है,

यह सब इसलिए हुआ क्योंकि ऋषभ ठाकुर एक कैफे में हुई घटना में मुख्य आरोपी था। दिसंबर 2025 में बरेली के राजेंद्र नगर इलाके में स्थित डेन कैफे में एक नर्सिंग छात्रा अपनी बर्थडे पार्टी मना रही थी। उसके साथ कुछ लड़के-लड़कियां थे, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल थे। तभी कुछ लोग अचानक कैफे में घुसे। उन्होंने पार्टी करने वालों को रोका और लव जिहाद का आरोप लगाकर मारपीट शुरू कर दी। खासकर मुस्लिम लड़कों को काफी पीटा गया। कैफे में तोड़फोड़ भी हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों में गुस्सा फैल गया।

पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और शिकायतों के आधार पर पता चला कि इस घटना का मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ही था। वो खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताता था, लेकिन बाद में बजरंग दल ने कहा कि वो उनके संगठन से निकाल दिया गया है और उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस ने पहले ही ऋषभ के खिलाफ कई पुराने मामले दर्ज थे। उस पर चोरी, मारपीट और यहां तक कि हत्या की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लग चुके थे। पुलिस रिकॉर्ड में वो पहले से ही गुंडा घोषित था। अगस्त 2025 में ही उसे जिला बदर किया जा चुका था, लेकिन वो नियम तोड़कर बरेली में सक्रिय था।

कैफे कांड के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। ऋषभ कुछ दिनों तक फरार रहा। वो सोशल मीडिया पर वीडियो बनाता रहा और पुलिस को चुनौती देता दिखा। लेकिन बाद में वो कोर्ट में सरेंडर कर गया। सरेंडर के समय वो हंसता हुआ और बेखौफ अंदाज में दिखा, जिससे वीडियो फिर वायरल हुए। कुछ समय जेल में रहने के बाद जब वो बाहर आया, तो पुलिस ने तुरंत गुंडा एक्ट लगाकर उसे फिर से 6 महीने के लिए बरेली से बाहर कर दिया।यह मामला दिखाता है कि कैसे पुलिस अब ऐसे लोगों पर सख्ती से नकेल कस रही है जो बार-बार कानून तोड़ते हैं और समाज में तनाव फैलाते हैं। पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और शांति बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई जरूरी है। वहीं पुलिस कार्रवाई पर अब तरह-तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि योगी की पुलिस भला बजरंग दल के नेता को कैसे जिला बदर कर सकती है।

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