अहमदाबाद स्टेशन पर सख्त कार्रवाई, खराब खाना मिलने पर बेस किचन सील
DRM के नेतृत्व में रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स ने अहमदाबाद स्टेशन के बेस किचन का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण में खराब भोजन गुणवत्ता और अस्वच्छता पाई गई, जिसके बाद किचन को सील कर 5 लाख का जुर्माना लगाया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: DRM के नेतृत्व में रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स ने अहमदाबाद स्टेशन के बेस किचन का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण में खराब भोजन गुणवत्ता और अस्वच्छता पाई गई, जिसके बाद किचन को सील कर 5 लाख का जुर्माना लगाया.
पश्चिमी रेलवे (Western Railway) के अहमदाबाद डिवीजन के डीआरएम के नेतृत्व में गठित रेलवे खाद्य सतर्कता बल ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के बेस किचन में अचानक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वच्छ परिस्थितियों से संबंधित गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.जिसके बाद किचन को सील कर दिया गया और ₹5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया.
दरअसल यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसी के तहत अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश के नेतृत्व में रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन स्थित बेस किचन का औचक निरीक्षण किया.
बेस किचन पर 5 लाख का जुर्माना
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान खाने की क्वालिटी और साफ सफाई से संबंधित गंभीर अनियमितताएं पाई गई. जिसके बाद संबंधित बेस किचन पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया और किचन को सील कर दिया गया. रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स की अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया. जांच में खाने की क्वालिटी और साफ़-सफ़ाई से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई.यह जांच अहमदाबाद डिवीज़नल रेलवे मैनेजर (DRM) वेद प्रकाश के तहत बनी रेलवे फ़ूड विजिलेंस फ़ोर्स ने की थी.
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता
रेल प्रशासन ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और हाइजीन से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. खाद्य मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. रेल प्रशासन ने बयान में कहा कि खाने की क्वालिटी और साफ़-सफ़ाई पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.
औसतन करीब 58 करोड़ लोगों को खाना
रेलवे आधुनिक बेस किचन, पैकेजिंग पर QR कोड, बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे, FSSAI नियमों का पालन और कई स्तरों वाली जांच व्यवस्था के ज़रिए खाने की सुरक्षा को मज़बूत कर रहा है. भारतीय रेलवे हर साल औसतन लगभग 58 करोड़ लोगों को खाना परोसता है. खाने की क्वालिटी से जुड़ी शिकायतें औसतन केवल 0.0008% ही मिलती हैं.
IRCTC ने की सख्त कार्रवाई
पिछले तीन सालों में मिली शिकायतों के आधार पर, IRCTC ने उचित दंडात्मक कार्रवाई की है. इन कार्रवाइयों में रुपए 5.13 करोड़ का जुर्माना लगाना, 54 कारण बताओ नोटिस जारी करना, 6 कॉन्ट्रैक्ट रद्द करना और खाने की क्वालिटी व साफ़-सफ़ाई के नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों को प्रतिबंधित करना शामिल है. प्रतिबंधित लाइसेंसधारियों की सूची RCTC की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है.
क्वालिटी, साफ़-सफ़ाई, सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे /RCTC के अधिकारियों (जिनमें फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर भी शामिल हैं) द्वारा नियमित और अचानक जांच की जाती है.
इन जांचों में खाने की सुरक्षा, स्टाफ़ की तैनाती, उपकरणों का रखरखाव, साफ़-सफ़ाई और तय मानकों का पालन जैसे अहम पहलू शामिल होते हैं, साथ ही खाना रखने, स्टोर करने और तैयार करने में सबसे अच्छे तरीकों को बढ़ावा दिया जाता है.



