विजय हजारे ट्रॉफी में भी सूर्यकुमार यादव रहे फ्लाप

  • शिवम दूबे और अभिषेक शर्मा का भी नहीं चला बल्ला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। विजय हजारे ट्रॉफी के राउंड-सात में पंजाब के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सरफराज खान ने अभिषेक शर्मा के एक ही ओवर में 30 रन बटोरे, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को एक रन से हार झेलनी पड़ी। वहीं, भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव घरेलू टूर्नामेंट में भी फ्लॉप साबित हुए। शिवम दुबे का भी बल्ला नहीं चला। वहीं पंजाब केकप्तान अभिषेक शर्मा भी फ्लॉप रहे और आठ रन बना सके। जीत दिलाने की जिम्मेदारी पांचवें नंबर पर उतरे सूर्यकुमार और छठे नंबर पर उतरे शिवम दुबे पर थी, लेकिन दोनों फेल रहे।
सूर्यकुमार 15 रन और दुबे 12 रन बनाकर आउट हुए। वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार फॉर्म में चल रहे सरफराज ने पंजाब के कप्तान अभिषेक के एक ओवर में 6,4,6,4,6,4 लगाकर बाउंड्रीज की बरसात कर दी और 30 रन बटोरे। सरफराज ने साथ ही 15 गेंद में अर्धशतक भी जड़ा और 20 गेंद में सात चौके और पांच छक्के की मदद से 62 रन बनाकर आउट हुए। सरफराज के नाम विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया। सरफराज के अलावा मुंबई कप्तान श्रेयस अय्यर ने 34 गेंद में चार चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन की पारी खेली। पंजाब के 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक वक्त मुंबई का स्कोर चार विकेट पर 191 रन था। इसके बाद टीम 26.2 ओवर में 215 रन पर सिमट गई। टीम ने 25 रन बनाने में आखिरी छह विकेट गंवा दिए।

बीसीबी ने दूसरी बार आईसीसी को पत्र लिख मैच श्रीलंका में कराने की मांग दोहराई

नई दिल्ली। बीसीबी ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर आईसीसी को दूसरी बार पत्र लिखा है। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा पर चिंता जाहिर की और क्रिकेट की वैश्विक संस्था से टी20 विश्वकप में अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने की मांग दोहराई। सूत्र के हवाले से कहा, खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल से बातचीत के बाद बीसीबी ने एक बार फिर आईसीसी को पत्र भेजा है। आईसीसी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बारे में जानना चाहता था और बीसीबी ने इसका उल्लेख किया है। हालांकि, उन्होंने पत्र के विशिष्ट विवरणों पर विस्तार से चर्चा नहीं की। आईसीसी ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है और बीसीबी से पूछा है कि सुरक्षा को लेकर उसकी क्या आशंकाएं हैं। समझा जाता है कि बीसीबी खुद इस मसले पर बंटा हुआ है। बोर्ड का एक गुट नजरूल के कट्टर रवैये का पक्षधर है तो दूसरा गुट आईसीसी और बीसीसीआई से बातचीत का विकल्प खुला रखना चाहता है।

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