आस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगा टी20 विश्वकप का फाइनल

- ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम की होगी 7वें खिताब पर नजर, वहीं दूसरा विश्वकप जीतना चाहेगी इंग्लैंड
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लंदन। महिला टी20 विश्वकप 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट को दोनों फाइनललिस्ट मिल चुके हैं। पहले सेमीफाइनल में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। अब दोनों टीमें पांच जुलाई (रविवार) को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर आमने-सामने होंगी।
ऑस्ट्रेलिया की नजर रिकॉर्ड सातवें महिला टी20 विश्वकप खिताब पर होगी, जबकि इंग्लैंड की टीम 2009 के बाद दूसरी बार विश्व विजेता बनने के इरादे से उतरेगी।
यह मुकाबला महिला क्रिकेट की दो सबसे मजबूत टीमों के बीच होगा। ऑस्ट्रेलिया पिछले एक दशक से इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम रही है, जबकि इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों के समर्थन का फायदा उठाकर 17 साल बाद ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा। ऑस्ट्रेलिया अब तक सात बार फाइनल खेल चुकी है और छह बार चैंपियन बनी है। वहीं इंग्लैंड महिला टी20 विश्वकप के इतिहास में लगातार मजबूत टीमों में शामिल रहा है, लेकिन टीम अब तक सिर्फ एक बार ही चैंपियन बन सकी है। यानी इंग्लैंड पांचवीं बार महिला टी20 विश्व कप का फाइनल खेलेगा, लेकिन उसकी नजर 2009 के बाद दूसरे खिताब पर होगी।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने अफ्रीका को 40 रनों से हराया
लंदन। महिला टी20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने कप्तान नेट शीवर ब्रंट और हीदर नाइट की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 20 ओवर में पांच विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित ओवरों में आठ विकेट पर सिर्फ 129 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 35 रन तक अपने तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान और हीदर नाइट ने चौथे विकेट के लिए 133 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो महिला टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में चौथे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। वहीं 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। ताजमिन ब्रिट्स ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई बड़ा साथ नहीं मिला। ब्रिट्स के आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की जीत की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।



