2011 में मिला था आवास, फिर भी कच्चे घर में रहने को मजबूर परिवार; बारिश ने छीन ली जान
मिर्जापुर के निबावल गांव में लगातार बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से 45 वर्षीय आशा देवी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने परिवार को पक्का आवास देने की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः लगातार हो रही बारिश ने गरीब परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लालगंज क्षेत्र के निबावल गांव में बुधवार देर रात कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे में दबकर 45 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
बारिश के बीच अचानक भरभराकर गिरा मकान
हादसा 19 अगस्त की देर रात लालगंज कोतवाली क्षेत्र की बरौंधा पुलिस चौकी के अंतर्गत निबावल गांव की कोल बस्ती में हुआ। बताया गया कि लगातार बारिश के कारण जमीन में सीलन बढ़ गई थी। इसी बीच कच्चा मकान ढह गया और अंदर सो रहीं आशा देवी पत्नी लाल बिहारी मलबे में दब गईं।
परिजनों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल ले जाने लगे। हालांकि रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद गुरुवार सुबह तहसीलदार लालगंज विशाल कुमार शर्मा, बीडीओ हलिया विमल प्रकाश पांडेय और बरौंधा चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवार से जानकारी ली।
तहसीलदार ने मृतका के पति को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
2011 में मिला था आवास, पूरा नहीं हो सका निर्माण
प्रधान प्रतिनिधि ताराशंकर पाल के मुताबिक आशा देवी को वर्ष 2011 में इंदिरा आवास स्वीकृत हुआ था, लेकिन उसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद दंपती कच्चे मकान में रहने को मजबूर रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर पक्की छत मिल जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था। घटना ने बारिश के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट: संतोष देव गिरि, मिर्जापुर
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