आदेश नहीं, आपसी सहमति से बनेगी बात

- छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत का संदेश
- सिबल ने संघ प्रमुख की चुप्पी पर उठाए थे सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नागपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी न तो गुमराह है और न ही दिशाहीन, उन्होंने युवाओं को समझने के लिए आदेश देने के बजाय सार्थक चर्चा करने की बात कही। संघ प्रमुख की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब दिल्ली की सडक़ों पर परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर छात्रों का बड़ा विरोध-प्रदर्शन हो रहा है, जो राजधानी में पिछले कुछ सालों में हुए सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक है। विश्व मांगल्य सभा कार्यक्रम में बोलते हुए, भागवत ने पीढिय़ों के बीच बढ़ती खाई पर बात की और कहा कि आज के युवाओं को सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है।
जब हम युवा थे, तो वह आज्ञा मानने का दौर था। अब ऐसा नहीं है। वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने संघ प्रमुख की चुप्पी पर सवाल उठाए। सिबल ने ट्वीट किया, मोहन भागवत जी… जंतर-मंतर पर हुई घटनाएं… पिछले एक महीने में आपकी चुप्पी आपके उपदेशों से कहीं ज़्यादा कुछ कह रही है। विरोध-प्रदर्शन पर ताज़ा जानकारी क्या है? प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा है। संघ प्रमुख ने अब तक विरोध-प्रदर्शनों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जो दूसरे राज्यों में भी फैल गए हैं। 2० को हुई हिंसा, जिसमें संसद से कुछ ही मीटर की दूरी पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ज़बरदस्त झड़प हुई थी।
आज की युवा पीढ़ी में सवाल पूछने की ज्यादा दिलचस्पी
संघ प्रमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सवाल पूछने में ज़्यादा दिलचस्पी रखती है, इसलिए माता-पिता और बड़ों के लिए उनसे जुडऩा ज़रूरी है। साथ ही, उन्होंने परिवारों के भीतर बातचीत के लिए कम होती जगह पर चिंता भी जताई। भागवत ने कहा, नई पीढ़ी सवाल पूछती है। हमें उन्हें तर्क समझाना होगा। हमें उन्हें बहुत प्यार देना होगा। हमें उनके साथ समय बिताना होगा। हमें उनसे बातचीत करनी होगी।



