मानसून सत्र के लिए पक्ष व विपक्ष ने कसी कमर
20 जुलाई से संसद का सत्र शुरू होगा, एनडीए सरकार कई बील करेगी पेशकश

कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने बनाई रणनीति, इंडिया गठबंधन का सरकार को घेरने की योजना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अगले हफ्ते शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के लिए सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों ने कमर कस लिया है। जहाँ पीएम मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कई महत्वपूर्ण बिलों को इस सत्र में पास करवाने के लिए आतुर है तो वहीं कांग्रेस मॉनसून सत्र में मोदी सरकार को राम मंदिर दान विवाद, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था के पतन और कमरतोड़ महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार कर चुकी है।
पार्टी परिसीमन और मंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयकों का भी कड़ा विरोध करेगी, जो सत्र के दौरान पेश किए जाएंगे। यह कदम सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने और जनहित के मुद्दों को उजागर करने की एक सोची-समझी संसदीय रणनीति है। कांग्रेस ने कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के दौरान वह कई मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरेगी। इन मुद्दों में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित चोरी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था का सिस्टमैटिक तौर पर खराब होना, महंगाई और विदेश नीति शामिल हैं। पार्टी ने यह भी घोषणा की कि वह परिसीमन और मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन बिलों का, साथ ही सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले कई अन्य कानूनों का भी कड़ा विरोध करेगी।

इनकम टैक्स और रूस्रूश्व सुधार समेत 5 नए बिल पेश करेगी सरकार
केंद्र सरकार अहम विधायी कार्यों और मुख्य कानूनों को बिना किसी बाधा के पारित कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस बीच, सत्र के दौरान पेश होने वाले संभावित बिलों की आधिकारिक सूची सामने आ चुकी है। सरकार मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में निम्नलिखित पांच नए बिल पेश करने पर विचार कर रही है। इनकम टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 – एक अध्यादेश की जगह लेने के लिए। सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 26 – एक अध्यादेश की जगह लेने के लिए। जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026।, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2०26।उम्मीद है कि ये बिल सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे का मुख्य हिस्सा होंगे।
सरकार के एजेंडे में दो लंबित बिल भी शामिल
नए कानूनों के अलावा, केंद्र सरकार उन दो बिलों पर भी विचार कर सकती है जो पहले से ही संसद में लंबित हैं: विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन बिल, 26, जिसे 25 मार्च,26 को लोकसभा में पेश किया गया था। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 25, जिसे 15 दिसंबर, 25 को पेश किया गया था और बाद में आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था। हालांकि सरकार की आधिकारिक विधायी सूची में परिसीमन बिल या एक राष्ट्र, एक चुनाव बिल शामिल नहीं है, लेकिन सत्र से पहले ये दोनों प्रस्ताव राजनीतिक चर्चा के सबसे बड़े विषय बन गए हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि केंद्र सरकार इन कानूनों को पेश करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कांग्रेस पहले ही साफ़ कर चुकी है कि अगर संसद में परिसीमन की प्रक्रिया का बिल लाया जाता है, तो वह इसका विरोध करेगी।
कांग्रेस संसदीय दल की सोनिया गांधी केआवस पर बनी रणनीति
यह रणनीति कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर हुई कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में तय की गई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश, पी चिदंबरम, के सुरेश, नसीर हुसैन, मणिकम टैगोर, कुमारी शैलजा, तारिक अनवर, शशि थरूर, मनीष तिवारी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद एक्स पर एक पोस्ट में खरगे ने उन मुद्दों के बारे में बताया जिन्हें पार्टी सत्र के दौरान उठाएगी। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी — आस्था के साथ धोखा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था का अंदरूनी पतन, संस्थाओं पर कब्ज़ा, राजनीतिक पार्टियों को तोडऩा, कई घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप, कमरतोड़ महंगाई, विदेश नीति की विफलताएं और रणनीतिक गलतियां, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर इथेनॉल ब्लेंडिंग थोपना, बेतहाशा पेड़ों की कटाई, और एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार हमले- ये कुछ ऐसे अहम मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस पार्टी संसद के आने वाले मॉनसून सत्र में मोदी सरकार से जवाब मांगेगी। खरगे ने कहा कि रणनीति बैठक में उन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई जो लोगों के जीवन और उनकी उम्मीदों पर असर डालते हैं।
मंत्रियों के समूह की बैठक की अध्यक्षता करेंगे राजनाथ
सरकार की तैयारियों के तहत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार सुबह 11 बजे अपने आवास पर मंत्रियों के समूह की एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उम्मीद है कि इस बैठक में मॉनसून सत्र के लिए तालमेल और विधायी रणनीति पर चर्चा होगी। दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। कई आंतरिक बैठकें पहले से ही चल रही हैं, और संसद के दोबारा शुरू होने से एक दिन पहले, 19 जुलाई को विपक्षी दलों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है। आने वाले सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। जहां सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजग़ारी, परीक्षा में गड़बडिय़ों और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को उठा सकता है, जिससे संसद में राजनीतिक माहौल गरमा सकता है।
बंगाल केबहरामपुर में ट्रेन से टकराई स्कूल वैन, दो बच्चों समेत 3 की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बहरामपुर बड़ा हादसा हुआ है। यहां बच्चों को स्कूल लेकर जा रही वैन रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन से टकरा गई। इस हादसे में दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा बहरामपुर के गोविंदपुर इलाके में हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे क्रॉसिंग खुली हुई थी, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ है। घटना में कुल 3 मौतें हुई हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं. रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेट मैन को तुरंत हिरासत में लिया गया है। इस हादसे में घायल हुए बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बहरामपुर में हुए हादसे पर केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि किसी की भी जान जाना दुखद है, लेकिन बच्चों की मौत और भी ज्यादा दिल दहला देने वाली है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस घटना की जांच जरूरी है और मुझे यकीन है कि रेलवे इसकी अलग से जांच करेगा। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि हादसा सुबह करीब 7 बजे कर्ण सुबर्ण रेलवे स्टेशन के पास एक रेलवे क्रॉसिंग पर हुई। उन्होंने बताया,कटवा से करीब 48 किलोमीटर दूर कर्ण सुबर्ण स्टेशन के पास समपार फाटक पर स्कूली बच्चों को ले जा रही कार रेल पटरी पार कर रही थी तभी एक लोकल ट्रेन ने वाहन को टक्कर मार दी।
अमेरिकी एयरस्ट्राइक में चाबहार पोर्ट को बड़ा नुकसान
निगरानी टावर ढहा, भारत के लिए अहम प्राजेक्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। शुक्रवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों में ओमान की खाड़ी पर स्थित ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह को नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में बंदरगाह का एक निगरानी टावर (सर्विलांस टावर) ढह गया।
चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग माना जाता है और क्षेत्रीय रणनीति के लिहाज से इसकी अहम भूमिका है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें चाबहार बंदरगाह का निगरानी टावर ढहता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह तस्वीर उनके साझा करने से पहले ही सोशल मीडिया पर कई एक्टिविस्ट्स के जरिए वायरल हो चुकी थी। चाबहार बंदरगाह पहले भी कई बार अमेरिकी हवाई हमलों के निशाने पर रहा है। इस बार हुए हमले के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदरगाह पर तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक की पुष्टि की, लेकिन निगरानी टावर के ढहने को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ओमान की खाड़ी पर स्थित चाबहारबंदरगाह पश्चिम एशिया के सबसे रणनीतिक बंदरगाहों में गिना जाता है। यह बंदरगाह होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है, इसलिए तनाव या युद्ध की स्थिति में भी इसकी उपयोगिता बनी रहती है।
चेन्नई पुलिस ने प्रोजेक्ट मेघालय की जांच की तेज
सीएम विजय की सरकार गिराने के लिए चला था
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश प्रोजेक्ट मेघालय को लेकर चेन्नई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोप है कि टीवीकेके 15 विधायकों को 35-35 करोड़ रुपये ऑफर किए गए थे। यह शिकायत उथंगराई से टीवीके विधायक एन. एलैयाराजा ने दर्ज कराई थी। विधायक का आरोप है कि यूट्यूबर थिरुनावुक्कारासु, जो ओपिनियन पोलिंग ग्रुप चलाते हैं, और अन्य लोगों ने विधानसभा में पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की पेशकश की।
विधायक एलैयाराजा ने कहा कि ऑफर ठुकराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी मिलीं। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रोजेक्ट मेघायल नाम की एक योजना के तहत करीब 15 टीवीके विधायकों से संपर्क कर उन्हें पैसे का लालच देकर पार्टी छोडऩे के लिए मनाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच के सिलसिले में इस हफ्ते क्षेत्रीय न्यूज चैनल पुथिया थलाइमुराई के सीनियर पत्रकार विजयन से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि सबूतों से पता चला है कि विजयन का मुख्य आरोपी थिरुनावुक्कारासु से संपर्क था और उन्होंने उसे मैजेज भी भेजे थे। 15 और 16 जुलाई को पूछताछ के बाद पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए विजयन का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया।
चेन्नई प्रेस क्लब ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। क्लब ने कहा कि विजयन से देर रात तक पूछताछ की गई, बिना उचित प्रक्रिया के फोन जब्त किया गया और अगले दिन फिर बुलाया गया। इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही है।
अनुराग कुमार दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर
सतीश गोलचा हटाए गए
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में शुक्रवार, 17 जुलाई को बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह साल 1994 बैच आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
कुमार अभी इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर सेवाएं दे रहे थे। इस संदर्भ में एक आदेश में भारत सरकार के अवर सचिव राकेश कुमार सिंह की ओर से बताया गया कि अनुराग कुमार को कार्यभार संभालने की तारीख से और अगले आदेश तक दिल्ली का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया जाता है वहीं सतीश गोलचा, को निर्देश दिया गया है कि नए अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद, वे अगली पोस्टिंग के लिए दिल्ली के उप-राज्यपाल को रिपोर्ट करें।



