विंध्याचल घाट पर चोरी की घटना, दर्शनार्थी का बैग लेकर फरार हुए चोर, पुलिस पर उठे सवाल
मिर्जापुर में विख्यात शक्तिपीठ विंध्याचल में चोर-उचक्कों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर में विख्यात शक्तिपीठ विंध्याचल में चोर-उचक्कों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं,
जबकि आए दिन हो रही घटनाओं से दर्शनार्थियों में भय और असंतोष का माहौल है। ताजा मामला रविवार का है, जब विंध्याचल क्षेत्र के दीवान घाट पर स्नान के दौरान एक श्रद्धालु का बैग चोरों ने पार कर दिया।
स्नान के दौरान हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, देवरिया जनपद के नाथनगर निवासी जितेंद्र कुमार मिश्रा अपने परिवार के साथ विंध्याचल धाम दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन से पूर्व वे परंपरा अनुसार दीवान घाट पर स्नान करने गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर-उचक्कों ने मौका पाकर उनका बैग चोरी कर लिया। पीड़ित के अनुसार बैग में नगदी, जरूरी दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था, जो चोरी हो गया।
पुलिस को दी गई तहरीर
घटना के बाद जितेंद्र कुमार मिश्रा ने विंध्याचल कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे वह खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि विंध्याचल जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित महसूस कर सकें।
पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने एक बार फिर विंध्याचल थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवागत थाना प्रभारी के आने के बाद भी चोर-उचक्कों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
श्रद्धालुओं की मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, साथ ही सीसीटीवी निगरानी को भी मजबूत किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
विंध्याचल में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की आस्था पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



