बीएमसी चुनाव पर मचा है सियासी घमासान
चर्चा में है बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह का बयान

शिव सेना यूबीटी केमुखपत्र सामना में बड़ी चेतावनी
गैर मराठी मेयर थोपने की कोशिश हुई तो भयंकर विद्रोह भडक़ेगा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। बीएमसी चुनावों को लेकर महाराष्ट्र सियासी घमासान मचा हुआ है। शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में बीएमसी चुनावों को लेकर बड़ी चेतावनी दी गई है। इसमें लिखा गया है कि अगर किसी गैरमराठी मेयर को थोपने की कोशिश की गई तो संयुक्त महाराष्ट्र संघर्ष की तरह भयंकर विद्रोह भडक़ उठेगा। इसके साथ ही बीजेपी और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना पर निशाना साधा गया है और कई तरह के आरोप भी लगाए गए हैं।
बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह के बयान को लेकर ये पूरा लेख है, जिसमें साफ कहा गया है कि मेयर मुंबई का ही होना चाहिए। अगर भाजपा के कृपाशंकर छाप नेता यह नहीं समझते कि मुंबई पर सिर्फ पैसे से कब्जा नहीं किया जा सकता, तो उन्हें फोर्ट स्थित हुतात्मा स्मारक का इतिहास समझना चाहिए. उस समय मुंबई समेत संयुक्त महाराष्ट के लिए 106 लोगों ने अपना बलिदान दिया. उस बलिदान की परंपरा आगे भी जारी रहेगी।

कृपाशंकर ने कहा था- मुंबई का मेयर उत्तर भारतीय होगा
सामना में कृपाशंकर के बयान पर लिखा गया है, कृपाशंकर का यह बयान मुंबई का मेयर उत्तर भारतीय होगा। यह भाजपा की अधिकृत भूमिका है, लेकिन इस मामले में नकली शिवसेना लाचार होकर लीपा-पोती कर रही है। ये बेबस लोग कह रहे हैं,मुंबई के मेयर के बारे में कृपाशंकर का बयान उनकी निजी राय है। (संक्षेप में, हमने इसमें एक पूंछ डाल दी है, जिसे हटाया नहीं जा सकता.) अरे, थू है तुम्हारी जिनगानी पर!
कायर शिंदे इस साजिश पर क्यों साधे हैं चुप्पी
कायर शिंदे इस साजिश पर चुप्पी साधे हुए हैं। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के नाम पर सत्ता का उपभोग करने वाली अमित शाह की चरण चाटने वाली सेना तो कृपाशंकर के इस मराठीद्वेषी वक्तव्य पर मुंह में दही जमाए बैठी है. कृपाशंकर तो छोडि़ए भाजपा और मिंधे के सौ-सौ बाप भी यहां पर आ जाएं, तब भी वे मुंबई से मराठी मानुष के रिश्ते को तोडऩे में नाकाम रहेंगे।
बीजेपी की मंशा पर भी उठाए सवाल
सामना में आगे लिखा है- भारतीय जनता पार्टी ने आखिर कृपाशंकर के मुख से अपनी कड़ुवाहट उगल ही दी है। कृपाशंकर ने कहा कि महानगरपालिका के चुनावों में इतने अधिक नगरसेवक चुने जाएंगे कि मुंबई का महापौर उत्तर भारतीय समुदाय से ही बनेगा। कृपाशंकर के इस बयान से मुंबई को लेकर भाजपा की मंशा उजागर हो गई है। कृपाशंकर ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उत्तर भारतीयों ने ही उन्हें हरा दिया। यानी जो उत्तर भारत में हारे हैं, वही मुंबई में उत्तर भारतीय मेयर बनाने जा रहे हैं। कृपाशंकर ने भाजपा की टांगे भाजपा के ही गले में बांध दी हैं। असल में इस चुनाव में भाजपा के पैरों तले की जमीन खिसक गई है। इसलिए वे मुंबई में मराठी-गैरमराठी विवाद को हवा देकर चुनाव लडऩा चाहते हैं।
हिंदी भाषी व मराठी का रिश्ता बर्बाद करने की कोशिश
सामना में लिखा गया है, मुंबई और आस-पास के शहरों में हिंदी भाषी मराठी लोगों के साथ घुल-मिलकर रहते हैं। इनमें से अधिकतर लोग चार-पांच पीढिय़ों से यहीं रह रहे हैं। इसलिए उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि यही है। ऐसे में ये लोग दूध में नमक डालकर इस रिश्ते को बर्बाद करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? मुंबई और महाराष्ट्र के हिंदी भाषी लोगों ने कोरोना काल में यह अनुभव किया है कि उत्तर भारत के शासक हिंदी भाषी लोगों के संकट के समय अपने दरवाजे बंद कर देते हैं। उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल में जाति, प्रांत या भाषा की परवाह किए बिना सभी को इलाज और अनाज उपलब्ध कराया गया। इसके उलट, उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने गांवों में लौटने वाले हिंदी भाषी लोगों को राज्य के द्वार पर ही रोक दिया गया था।
आप संयोजक ने शिक्षकों का किया अपमान : आशीष सूद
केजरीवाल पर दिल्ली सरकार करवाएगी एफआईआर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने शहर में शिक्षकों के बारे में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया है।
इस मामले पर बोलते हुए सूद ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट के जरिए गलत सूचना फैलाई, जिसके बाद सरकार ने गहन विचार-विमर्श के बाद एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया। सूद ने कहा कि मैं दिल्ली के बेरोजगार नेताओं के बारे में ज्यादा बात नहीं करता। सरकार ने दिल्ली में शिक्षकों के बारे में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने का सोच-समझकर फैसला लिया है। इस बार फर्जी खबर फैलाने वाला व्यक्ति अरविंद केजरीवाल है, जो चंडीगढ़ के शीश महल में बैठा है। अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट के जरिए यह गलत सूचना फैलाई। काफी विचार-विमर्श के बाद सरकार ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया है।
मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कथित तौर पर निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और स्टेडियमों से आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने और इस पर रिपोर्ट देने का अनुरोध किया है। ङ्ग पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने लिखा, क्या दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे, या सडक़ों पर कुत्तों की गिनती करेंगे?
उन्होंने इस आदेश के जरिए शिक्षकों का अपमान करने के लिए भाजपा सरकार पर हमला किया।
भाजपा के लिए शिक्षा कोई मुद्दा ही नहीं : केजरीवाल
केजरीवाल ने लिखा कि भाजपा की दिल्ली सरकार का यह आदेश उनकी सोच और प्राथमिकताओं को उजागर करता है। भाजपा के लिए शिक्षा कोई मुद्दा ही नहीं है, ये लोग शिक्षकों का अपमान कर रहे हैं और स्कूलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसके अलावा, केजरीवाल ने दिल्ली में भाजपा सरकार की तुलना में आप सरकार के शासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप ने शिक्षकों का सम्मान किया जबकि भाजपा सब कुछ नष्ट करने पर तुली हुई है।
इंदौर दूषित पानी कांड में मौतों की संख्या 15 पहुंची
उमा भारती ने भाजपा सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से करीब 9 लोगों की जान चली गई है। 9 की मौत का आंकड़ा आधिकारिक है, लेकिन बीजेपी पार्षद कमल वाघेला ने 15 लोगों की मौत का दावा किया हैं। वहीं, इस गंभीर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की सीनियर नेता उमा भारती ने मोहन यादव सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर दूषित पानी मामले का संज्ञान लेते हुए उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है, साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं. प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।
सरकार को घोर प्रायश्चित करना होगा : उमा भारती
उमा भारती ने लिखा, जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दु:ख में डूबे रहते हैं इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ितजन से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
बीजेपी पार्षद बोले- कई बार शिकायत की थी
वार्ड-11 के बीजेपी पार्षद कमल वाघेला ने दावा किया है कि अब तक 15 लोगों की जान चली गई है और एक शख्स की हालात गंभीर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 8 दिन हो गए, लीकेज कहां से हुआ अब तक पता नहीं चल सका है. इस लापरवाही का जिम्मेदार सिस्टम है। इतना ही नहीं, पार्षद ने यह भी दावा किया कि वह लगातार प्रशासन से इस बारे में लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा था कि वह सीएम मोहन यादव को भी चि_ी लिख चुके हैं।
असम में कांग्रेस का चुनावी शंखनाद
गोगोई बोले- 100 सीटों पर लड़ेेंगे, शेष सीटें अपने छोटे सहयोगी दलों के साथ साझा करेगी पार्टी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले, कांग्रेस पार्टी ने राज्य में चुनाव लडऩे के लिए सीटों की संख्या स्पष्ट कर दी है। यह पार्टी के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है, बिहार के विपरीत, जहां वह अंतत: सीट बंटवारे का समझौता करने में असमर्थ रही और शक्तिशाली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन की राजनीति में संतुलन बनाने के लिए महीनों तक टालमटोल करती रही।
कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह असम की 126 सीटों में से 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और शेष सीटें अपने छोटे सहयोगी दलों के साथ साझा करेगी। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि जनविरोधी भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ेगी। हम 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।
शेष सीटें गठबंधन सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएंगी। असम की कुल जनसंख्या में मुसलमानों की संख्या 34प्रतिशत है। कांग्रेस ने सात छोटी पार्टियों को अपने साथ मिला लिया है और जातीय दल-असम (जेडीए), कम्युनिस्ट पार्टी इंडिया (मार्क्सवादी), असम जातीय परिषद (एजेपी), रायजोर दल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), सीपीआई (एमएल) और कार्बी आंगलोंग स्थित ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव एक साझा मंच से लड़ेगी। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस के अवसर पर तेजपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद उन सीटों की घोषणा की जिन पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस राज्य में सत्ता में आती है, तो धार्मिक घृणा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एक अलग कानून लाया जाएगा।
बल्लारी हिंसा मामले में भाजपा विधायक समेत 11 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलूरू । कर्नाटक के बल्लारी में हुई हिंसा के मामले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं हिंसा के बाद बल्लारी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
दरअसल बैनर लगाने को लेकर कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। हालात अभी शांतिपूर्ण हैं और सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी अवांछित घटना न हो। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति हथियार लहरा रहा है और हवाई फायरिंग कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री और भाजपा नेता श्रीरामुलु, शेखर, अलिखन और सोमशेखर रेड्डी समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बल्लारी में 3 जनवरी को वाल्मिकी जी की प्रतिमा का अनावरण होना है। इसे लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसके पोस्टर-बैनर शहर भर में लगाए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थक अवंभावी इलाके में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के आवास के बाहर कार्यक्रम का बैनर लगा रहे थे।
कथित तौर पर भाजपा विधायक के समर्थकों ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले दोनों पक्षों में बहस हुई और जल्द ही यह मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस का कहना है कि जब हंगामे की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची तो उस पर भी पथराव हुआ।



